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कुछ ही मिनटों की देरी ने छीन ली जिंदगी... 10वीं की परीक्षा छूटने पर छात्रा ने ट्रेन से कूदकर की आत्महत्या

पटना के मसौढ़ी में दसवीं की छात्रा कोमल कुमारी को परीक्षा केंद्र में देर से पहुंचने पर प्रवेश नहीं मिला. आहत होकर उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश है.

Anuj
Edited By: Anuj
कुछ ही मिनटों की देरी ने छीन ली जिंदगी... 10वीं की परीक्षा छूटने पर छात्रा ने ट्रेन से कूदकर की आत्महत्या

पटना: बिहार राज्य में पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. दसवीं कक्षा की छात्रा कोमल कुमारी ने कथित तौर पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न मिलने के बाद आत्महत्या कर ली.

वह अपनी परीक्षा देने के लिए पूरी उम्मीद के साथ निकली थी, लेकिन कुछ मिनटों की देरी ने उसकी जिंदगी छीन ली. इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था की सख्ती और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

परीक्षा केंद्र पर बंद हुआ गेट

कोमल कुमारी मंगलवार को महाराजचक गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरी हुई थी. उसका परीक्षा केंद्र वहां से लगभग छह किलोमीटर दूर था. रिपोर्टिंग समय सुबह 9 बजे तय था, जबकि वह 9:15 बजे पहुंची. परीक्षा 9:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन गेट बंद हो चुका था. उसने कर्मचारियों से विनती की कि उसे सिर्फ दस मिनट की देरी हुई है, फिर भी उसे अंदर नहीं जाने दिया गया.

मायूसी में टूटा हौसला

बार-बार अनुरोध के बावजूद जब उसे प्रवेश नहीं मिला, तो वह गहरे सदमे में लौट आई. परिवार वालों को लगा कि वह सामान्य हो जाएगी, लेकिन उसके मन में चल रहा तूफान किसी को दिखाई नहीं दिया. यह परीक्षा उसके भविष्य के लिए बेहद अहम थी और वह खुद को असहाय महसूस कर रही थी.

डॉक्टर ने किया मृत घोषित

कुछ देर बाद कोमल घर से निकली और नदौल पहुंची. वहां से उसने ट्रेन पकड़ी और तरेगना व मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से कूद गई. गंभीर रूप से घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

घर में मातम पसरा

शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी. मसौढ़ी पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की. तस्वीर देखते ही गांव वालों ने उसे पहचाना और परिजनों को सूचना दी. घर में मातम पसर गया.

घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया

कोमल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी. उसके पिता राज्य से बाहर मजदूरी करते हैं. इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या कुछ मिनट की देरी के लिए इतनी कठोरता जरूरी थी या संवेदनशीलता की गुंजाइश हो सकती थी.