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India Daily

'ममता बनर्जी औरंगजेब की तरह कर रहीं हिंदुओं का दमन', बंगाल चुनाव से पहले गिरिराज सिंह का बंगाल की CM पर हमला

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'तुगलक' करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बांग्लादेशी घुसपैठियों के सहारे हिंदुओं का दमन कर सत्ता में बनी रहना चाहती हैं.

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'ममता बनर्जी औरंगजेब की तरह कर रहीं हिंदुओं का दमन', बंगाल चुनाव से पहले गिरिराज सिंह का बंगाल की CM पर हमला
Courtesy: Social Media

पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच जारी सियासी जंग एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है. केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है. बेगूसराय में मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए सिंह ने ममता बनर्जी की तुलना ऐतिहासिक शासक 'तुगलक' से कर दी. उन्होंने कहा कि ममता न केवल 'तुगलकी फरमान' जारी कर रही हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली हिंदुओं को दबाने वाली है.

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में धार्मिक ध्रुवीकरण और कानून-व्यवस्था के मुद्दे का हवाला देते हुए कहा- 'ममता बनर्जी खुद तुगलक की तरह व्यवहार कर रही हैं और औरंगजेब की तरह हिंदुओं का दमन कर रही हैं.' उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी 'बांग्लादेशी मुसलमानों' और 'रोहिंग्याओं' के समर्थन के दम पर सत्ता में बने रहना चाहती हैं. सिंह ने दावा किया कि बंगाल का हिंदू अब जाग चुका है और वह अपने अधिकारों के लिए खड़ा हो रहा है.

हुमायूं कबीर के बयान पर छिड़ा विवाद

इस जुबानी जंग में मुर्शिदाबाद से टीएमसी नेता हुमायूं कबीर का जिक्र भी आया. कबीर ने हाल ही में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर नींव रखने को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी. गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ऐसे नेताओं को संरक्षण दे रही हैं जो बहुसंख्यक समुदाय का अपमान करते हैं. हालांकि, स्थिति को बिगड़ते देख टीएमसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कबीर को निलंबित कर दिया है और उनके बयान को निजी बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है.

सियासी गलियारों में बढ़ी तपिश

आगामी राज्य चुनावों से पहले गिरिराज सिंह के इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. जहां भाजपा ममता सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदू विरोधी बताकर घेर रही है, वहीं टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि उनकी सरकार समावेशी शासन में विश्वास रखती है. विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, पहचान, नागरिकता और सांस्कृतिक राजनीति के इर्द-गिर्द यह बहस और तेज होगी.