पटना: बिहार विधानसभा के 18वें सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों ने औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण किया. हालांकि सत्र का यह आरंभ कई विधायकों की शपथ के दौरान आई कठिनाइयों और त्रुटियों के कारण चर्चा का केंद्र बना रहा. कुछ विधायकों ने जहां शपथ पढ़ने में झिझक दिखाई, वहीं कई को प्रोटेम स्पीकर द्वारा सुधारा भी गया.
नवादा से जदयू की विधायक और बाहुबली राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी शपथ लेने के दौरान बार-बार अटक गईं. शपथ पत्र पढ़ने में कठिनाई होने पर उन्होंने बार-बार ठहरकर पास में बैठी विधायक मनोरमा देवी की ओर मदद के लिए देखा. मनोरमा देवी द्वारा पंक्तियों को धीरे-धीरे दुहराने पर विभा देवी किसी तरह टूटे-फूटे शब्दों में शपथ पूरी कर सकीं. सत्र के दौरान यह क्षण सदन की कार्यवाही में मौजूद सदस्यों का ध्यान अपनी ओर खींचता रहा.
अगर शपथ लेना इतना मुश्किल है, तो थोड़ी-सी रियायत विधायक जी को दे ही देनी चाहिए।
हाय रे बिहार! मौके कितने भी मिले हों, तूने हर बार राबड़ी को ही चुना।
Vibha Devi Yadav
Member of the Bihar Legislative Assembly(JDU) pic.twitter.com/m2chcbFZ3e— Deepak Jha (@Shayardeepakjha) December 1, 2025Also Read
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वारिसलीगंज से जदयू विधायक और बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी शपथ ग्रहण के लिए आगे बढ़ीं तो उन्होंने शपथ की शुरुआत परंपरागत शब्दों से हटकर बहुजन समाज के नेताओं का संदर्भ देते हुए की. उन्होंने कहा, 'मैं बहुजन समाज की बेटी अनीता, रुहानी आशीर्वाद लेते हुए बाबा साहब को याद करते हुए शपथ लेती हूं.' उनके इस स्वरूप पर प्रोटेम स्पीकर ने तुरंत आपत्ति दर्ज की और नियमों के अनुसार निर्धारित प्रारूप में शपथ लेने का निर्देश दिया. इसके बाद अनीता देवी ने दोबारा नियमानुसार अपना नाम लेकर शपथ पढ़ी.
बेतिया से बीजेपी विधायक और बिहार की पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी शपथ के दौरान निर्धारित पाठ में गलती कर बैठीं. जैसे ही त्रुटि सामने आई, प्रोटेम स्पीकर ने उन्हें रोका और सही प्रारूप में पुनः शपथ पढ़ने के लिए कहा. रेणु देवी ने गलती ठीक करते हुए दोबारा शपथ ली और प्रक्रिया पूरी की.
पहले दिन की कार्यवाही का केंद्र किसी राजनीतिक रणनीति या भाषण की बजाय शपथ ग्रहण के दौरान सामने आई अनियमितताएं रहीं. कई नए और पुराने विधायकों के सामने आई भाषाई असहजता तथा शपथ के निर्धारित प्रारूप को लेकर हुई उलझनों ने सदन में नई बहस को जन्म दिया. हालांकि सभी विधायकों ने अंततः निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शपथ पूरी की और सत्र आगे बढ़ा.