बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अपेक्षा से कमजोर बना हुआ है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार जून की तरह जुलाई महीने में भी राज्य में सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत हैं. मानसून की सुस्त चाल के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे महीने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा. दिन का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की स्थिति बनेगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है. बावजूद इसके, लगातार नमी और ऊंचे तापमान के कारण उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी.
विशेष रूप से दक्षिण बिहार के कई हिस्सों, जिनमें राजधानी पटना भी शामिल है, वहां उत्तर बिहार की तुलना में कम बारिश होने के आसार हैं. पटना समेत कई जिलों में गुरुवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की है. इन जिलों के लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है. वहीं राज्य के अन्य जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, बिजली चमकने और गरज के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़कर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई. बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में 39 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जिसने स्थानीय मौसम को प्रभावित किया.