Bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर चल रही तनातनी के बीच अब एक दिलचस्प मोड़ आया है. आरजेडी के पक्ष में कांग्रेस और वीआईपी उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने से यह साफ हो गया है कि विपक्षी गठबंधन अंदरूनी मतभेदों के बावजूद एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहता है.
वारसलीगंज, लालगंज, बाबूबरही और प्राणपुर विधानसभा क्षेत्रों में कुल चार उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया है. कांग्रेस के सतीश कुमार ने वारसलीगंज से आरजेडी की अनीता के लिए, आदित्य कुमार ने लालगंज से शिवानी शुक्ला के पक्ष में, और तौकीर आलम ने प्राणपुर से ईश्रत परवीन के समर्थन में नामांकन वापसी की है. वहीं, वीआईपी उम्मीदवार बिंदु गुलाब यादव ने बाबूबरही सीट से आरजेडी के अरुण कुमार सिंह के लिए मैदान छोड़ दिया है.
इन प्रत्याशियों की वापसी को महागठबंधन की अंदरूनी एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया था, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई थी. पार्टी नेतृत्व ने बातचीत के जरिए उम्मीदवारों को समझाया कि गठबंधन की एकजुटता बनाए रखना मौजूदा चुनावी माहौल में सबसे अहम है.
#BiharElections2025 | Four Mahagathbandhan candidates- three from Congress and one from the Vikassheel Insaan Party, withdraw their nomination for their ally RJD.
— ANI (@ANI) October 23, 2025
Congress candidate Satish Kumar from the Warsaliganj constituency has withdrawn his nomination for RJD's Anita.…
कांग्रेस और वीआईपी दोनों ही दलों ने यह स्पष्ट किया है कि विपक्ष का मुख्य लक्ष्य भाजपा और एनडीए को सत्ता से बाहर करना है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 'त्याग' की यह पहल गठबंधन की मजबूती का प्रतीक है. वहीं, वीआईपी नेता मुकेश सहनी ने कहा कि 'हमारे लिए पद नहीं, विपक्ष की जीत प्राथमिकता है. हमने गठबंधन धर्म निभाया है.'
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन प्रत्याशियों की वापसी से आरजेडी को उन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ेगी जहां वोट विभाजन का खतरा था. महागठबंधन अब यह संदेश देना चाहता है कि वह आपसी मतभेदों के बावजूद 'एकजुट विपक्ष' के रूप में मैदान में उतरा है. हालांकि, यह भी देखना होगा कि आने वाले दिनों में अन्य विवादित सीटों पर ऐसा तालमेल बन पाता है या नहीं.