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Bihar politics: राजनीति में आएंगे निशांत? बर्थडे पर CM नीतीश कुमार के बेटे ने क्या दिए संकेत

Bihar politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने अपने 44वें जन्मदिन पर महावीर मंदिर में पूजा की और पिता के कामों की सराहना करते हुए उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने की अपील की. राजनीति में प्रवेश पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन मीडिया से बातचीत में राजनीतिक सजगता दिखाई.

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Km Jaya

Bihar politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को अपना 44वां जन्मदिन श्रद्धा और भावुकता के साथ मनाया इस अवसर पर वे पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और रुद्राभिषेक पूजा में भाग लिया. पूजा के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने पिता के कार्यों की जमकर सराहना की और जनता से अपील की कि वे एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने बिहार में विकास की नींव रखी है. उन्होंने शिक्षक बहाली, सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था में सुधार, सिपाही भर्ती और युवाओं को रोजगार देने जैसे कई बड़े कार्य किए हैं. उन्होंने कहा, "मेरे पिता की सरकार ने 35% आरक्षण की व्यवस्था की है, और एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है. यह सब उनके नेतृत्व में ही संभव हो सका है."

मंदिर परिसर की यादें की साझा

मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी मां की याद भी साझा की. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मेरी मां हर साल मेरे जन्मदिन पर यहीं पूजा करवाती थीं. अब जब वे नहीं हैं, तो पिताजी ये जिम्मेदारी निभाते हैं."

राजनीति के सवालों पर दिया जवाब

राजनीति में उनके भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मुस्कुरा कर जवाब दिया, "ठीक है, बहुत-बहुत शुक्रिया." हालांकि उन्होंने न तो अपने राजनीतिक प्रवेश की पुष्टि की और न ही इससे पूरी तरह इनकार किया.

विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. उनका यह बयान साफ तौर पर सरकार के बचाव में था और यह भी इशारा करता है कि वे राजनीतिक मुद्दों पर सजग हैं.

पिता के समर्थन में मजबूती से खड़ा 

इस पूरे अवसर पर उनका रवैया शांत, संयमित और अपने पिता के समर्थन में मजबूती से खड़ा दिखा. वे खुद को अभी राजनीतिक मंच से दूर रख रहे हैं, लेकिन उनके बयान और अंदाज में एक संभावित भविष्य की झलक भी देखी जा सकती है.