दिल्ली के मालवीय नगर के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर नगर से आग की घटना सामने आ रही है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है. शहर के एक निजी अस्पताल में अचानक आग लगने से कई परिवारों की खुशियां तबाह हो गई. हादसे के बाद सामने आए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल का स्टाफ मरीजों को छोड़कर वहां से चला गया.
यह हादसा मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में तड़के करीब 3 बजे हुआ. आग अस्पताल के ICU वार्ड में लगी थी, जहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है. जिला प्रशासन ने अब तक तीन मरीजों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई अन्य मरीजों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है.
आग लगने के समय मौजूदा चश्मदीदों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई. ICU में भर्ती मरीज खुद को बचाने की स्थिति में नहीं थे, जिसके कारण हालात और गंभीर हो गए. इस स्थिती में अस्पताल का स्टाफ उन मरीजों की मदद करने के बजाय वहां से खुद ही फरार हो गए.
घटना के बाद कई परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गैर मानवीय होने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आग लगने के दौरान डॉक्टर और कर्मचारी मौके से गायब हो गए. कुछ परिवारों ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने रिश्तेदारों के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई.
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रीगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत अभियान शुरू किया. अधिकारियों के अनुसार, ICU सहित कई हिस्सों में घोर धुआं भर चुका था. इस स्थिति में फायर फाइटर्स ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकाला. इस दौरान 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया.
प्रशासन के मुताबिक, कई मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है. घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, फिलहाल उनका उनका इलाज जारी है.
इस पूरी घटना के बाद अब जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. आग लगने के असल कारणों का पता लगाया जा रहा है.