मुजफ्फरपुर: बिहार के चार प्रमुख शहरों मुजफ्फरपुर, गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजनाएं अभी भी शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ पाई हैं. जून 2024 में बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का काम शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में इन शहरों में जल्द मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद फिलहाल धुंधली नजर आ रही है.
राज्य सरकार ने जून 2024 में चारों शहरों के लिए मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दी थी. इसके बाद सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स को सौंपी गई. एजेंसी को नवंबर 2024 तक अपनी रिपोर्ट जमा करनी थी, लेकिन विभिन्न स्तरों पर सुझाव लेने की प्रक्रिया के बाद 16 फरवरी 2025 को रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंपी गई.
रिपोर्ट तैयार करने से पहले जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और आम लोगों से सुझाव लिए. इन सुझावों के आधार पर प्रस्तावित मेट्रो रूट और अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया गया. इसके बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई, लेकिन इसके बाद परियोजना की प्रगति धीमी पड़ गई.
कैबिनेट की मंजूरी के समय सरकार ने कहा था कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी. डीपीआर बनने के बाद ही परियोजना की लागत, निर्माण एजेंसी, वित्तीय मॉडल और निर्माण की समयसीमा तय होगी. फिलहाल विभाग की ओर से डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
प्रस्ताव के अनुसार चारों शहरों में दो दो मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे. गयाजी में सबसे लंबा 36 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क प्रस्तावित है. भागलपुर में लगभग 24 किलोमीटर, मुजफ्फरपुर में 21.25 किलोमीटर और दरभंगा में 18.8 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क बनाने की योजना है.
वित्तीय मॉडल के तहत परियोजना की कुल लागत का 20 प्रतिशत केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत बिहार सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि वित्तीय संस्थानों से जुटाई जाएगी.
इधर रेलवे के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के कई छोटे रेलवे स्टेशनों का तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है. बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. वहीं पटना जंक्शन और दानापुर स्टेशन के पुनर्विकास का काम जारी है, हालांकि इसकी रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है.
फिलहाल चारों शहरों में मेट्रो निर्माण शुरू होने की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है. डीपीआर तैयार होने, वित्तीय स्वीकृति मिलने और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.