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India Daily

600 अंक चढ़ने के बाद क्यों फिसला शेयर बाजार? जानें सेंसेक्स-निफ्टी की गिरावट की 3 बड़ी वजह

ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली और अमेरिका-ईरान में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण बाजार अपनी बढ़त गंवा बैठा. ब्रेंट क्रूड 85.7 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने से सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 550 अंक फिसल गया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
600 अंक चढ़ने के बाद क्यों फिसला शेयर बाजार? जानें सेंसेक्स-निफ्टी की गिरावट की 3 बड़ी वजह
Courtesy: ai generated

आज भारतीय शेयर बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सका और ऊंचे स्तरों पर हुई मुनाफावसूली के कारण लाल निशान में आ गया. कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तरों से 600 अंक ऊपर चढ़ गया था और निफ्टी ने भी 24,200 का स्तर पार कर लिया था, लेकिन दोपहर के सत्र में बाजार ऊपरी स्तरों से भारी गिरावट के साथ बिल्कुल फ्लैट होकर लाल निशान में आ गया.

दोपहर 1:10 बजे सेंसेक्स मामूली 34.73 अंक की बढ़त के साथ 77,089.67 पर था, जबकि निफ्टी 4 अंक  की मामूली गिरावट के साथ 24,048.05 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. बाजार में कुल 2,018 शेयरों में तेजी और 1,720 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 162 शेयरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ. दोपहर के कारोबार में एफएमसीजी, आईटी, मेटल, मीडिया और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव देखा गया.

बाजार में अचानक आई इस गिरावट की 3 बड़ी वजहें

1. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली

बाजार के जानकारों के मुताबिक, शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली करना बेहतर समझा. चूंकि निफ्टी अपने 24,200 के कड़े रेजिस्टेंस स्तर को पार करके टिक नहीं पाया, इसलिए व्यापारियों ने ऊंचे भावों पर बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार धड़ाम से नीचे आ गया.

2. अमेरिका और ईरान के बीच गहराता सैन्य तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर सबसे बड़ा बोझ बना हुआ है. दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर हवाई हमले और संघर्ष जारी हैं. इस तनाव के चलते वैश्विक बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.1% बढ़कर 85.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है.

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें ईरान के खिलाफ एक 'बड़े सैन्य अभियान' पर चर्चा की गई. इस बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मार्को रुबियो, पीट हेगसेथ और जॉन रेटक्लिफ सहित कई शीर्ष अमेरिकी अधिकारी शामिल थे. बैठक का मुख्य फोकस ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर विनाशकारी हमले करने की नई योजनाओं पर था. ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान या तो समझौता कर ले, वरना उसका वजूद खतरे में पड़ जाएगा. इस बयान से निवेशकों में घबराहट और बढ़ गई है.

3. तकनीकी कारण

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तकनीकी तौर पर बाजार इस समय बिना किसी स्पष्ट दिशा के काम कर रहा है और ट्रेडर्स किसी एक तरफ ब्रेकआउट होने का इंतजार कर रहे हैं.

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान के अनुसार, गिरावट की स्थिति में निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 77,000 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन है. अगर निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है जो इसे 23,800 से 23,750 के स्तर तक खींच सकती है. वहीं तेजी के लिए निफ्टी का 24,150 से ऊपर निकलना जरूरी है.

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालविया का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर एक बड़ी रुकावट बना हुआ है. नीचे की तरफ 20-दिनों के मूविंग एवरेज 24,000 पर बड़ा सपोर्ट है, जिसके टूटने पर कमजोरी 23,900 तक बढ़ सकती है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और होर्मुज जलडमरूमध्य के हालात ही बाजार की चाल तय करेंगे.

चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक, फिलहाल निफ्टी की इमीडिएट ट्रेडिंग रेंज 23,900 से 24,250 के बीच नजर आ रही है. जब तक कोई नया बड़ा ट्रिगर या कारण सामने नहीं आता, तब तक बाजार इसी दायरे के बीच सीमित घूमता रहेगा.