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NEET आंदोलन पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी केस और FIR वापस लेने का ऐलान

बिहार सरकार ने NEET आंदोलन के दौरान दर्ज सभी FIR और कानूनी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है. सरकार ने कहा कि गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा और प्रदर्शनकारियों पर आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी.

KanhaiyaaZee
NEET आंदोलन पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी केस और FIR वापस लेने का ऐलान
Courtesy: Social Media

पटना: NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. गृह विभाग ने घोषणा की है कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. सरकार ने यह भी कहा है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा. इस फैसले के बाद छात्र आंदोलन और उससे जुड़े विवाद को लेकर राज्य सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट हो गया है. अब प्रशासन आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटेगा.

बिहार सरकार के गृह विभाग ने 27 जुलाई को आधिकारिक पत्र जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी. विभाग ने स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. सरकार का कहना है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

FIR वापस लेने की होगी प्रक्रिया

सरकारी आदेश के अनुसार 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने के लिए विधिक प्रक्रिया शुरू होगी. सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इससे आंदोलन में शामिल लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

गिरफ्तार लोगों की होगी रिहाई

गृह विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में गिरफ्तार या निरुद्ध किए गए सभी लोगों को शीघ्र रिहा किया जाएगा. साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन मामलों में नामित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी.

छात्र आंदोलन के संदर्भ में फैसला

सरकार ने अपने आदेश में कहा कि यह निर्णय NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और उच्च शिक्षा में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में लिया गया है. सरकार का उद्देश्य तनाव कम करना और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से स्थिति को सामान्य बनाना बताया गया है.

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है. आदेश पर गृह विभाग के विशेष सचिव छत्रनील सिंह के हस्ताक्षर हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मामलों की वापसी और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है.