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RJD में सीट बंटवारे पर घमासान के बीच तेजस्वी यादव ने राघोपुर से नामांकन किया दाखिल, लालू-राबड़ी रहे मौजूद

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. तेजस्वी पूर्व राजद प्रमुख लालू प्रसाद और बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ दिन में पटना से राघोपुर के लिए रवाना हुए.

Gyanendra Sharma
RJD में सीट बंटवारे पर घमासान के बीच तेजस्वी यादव ने राघोपुर से नामांकन किया दाखिल, लालू-राबड़ी रहे मौजूद
Courtesy: Social Media

Bihar Election: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. तेजस्वी पूर्व राजद प्रमुख लालू प्रसाद और बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ दिन में पटना से राघोपुर के लिए रवाना हुए.

उनका मुकाबला राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से जन सूरज प्रत्याशी चंचल सिंह से है. यादव बहुल यह सीट जहां अधिकांश लोगों का प्राथमिक व्यवसाय खेती है, 1995 में लालू प्रसाद की जीत के बाद से राजद के प्रथम परिवार के पास रही है (2010-2015 के कार्यकाल को छोड़कर, जब यह जदयू के पास थी) और पिछले दो कार्यकालों से यह सीट विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के पास रही है. तेजस्वी यादव पिछले दो कार्यकाल से राघोपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

2015 से लगातार राघोपुर सीट से विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे तेजस्वी

तेजस्वी यादव 2015 से लगातार राघोपुर सीट से विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं. 2015-2017 में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे फिर राघोपुर से विजयी हुए और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता के रूप में महागठबंधन का नेतृत्व किया. 2020 चुनाव में उनकी गठबंधन को महज 12 सीटों और 0.03% वोट से हार मिली, उनके नेतृत्व में RJD सबसे बड़ी पार्टी रही. अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक वे नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे और इस दौरान 5 लाख सरकारी नियुक्ति पत्र बांटने का दावा किया. 

इस बीच, विपक्षी राजद ने चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पर बिहार विधानसभा चुनाव न लड़ने के उनके फैसले को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मैदान में उतरने से पहले ही अपनी जन सुराज पार्टी की हार स्वीकार कर ली थी. इससे पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक किशोर ने घोषणा की कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने दावा किया कि यह फैसला पार्टी ने व्यापक हित में लिया है.