Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही राज्य की सियासी गरमाहट बढ़ती जा रही है. इस बीच हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के दलों कांग्रेस और राजद (RJD) पर निशाना साधा है. मांझी ने आरोप लगाया कि महागठबंधन में शामिल नेता केवल अपने व्यक्तिगत हितों के लिए काम कर रहे हैं और इसलिए उनके बीच मतभेद होना स्वाभाविक है.
मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को मांझी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि महागठबंधन का दावा है कि वे कई सीटों पर दोस्ताना मुकाबला कर रहे हैं. मांझी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सच में ऐसा हो सकता है. उनका कहना था कि जब आप गठबंधन में एकजुट नहीं रह सकते, तो चुनाव के बाद मौका मिलने पर भी सरकार बनाने में दखलअंदाज़ी की संभावना रहेगी. उन्होंने चेतावनी दी, "आज सरकार बनाओगे और वो कल टूट जाएगी."
'डबल इंजन की सरकार बिहार में जरुरी'- मांझी
जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि राज्य में स्थिर सरकार का होना विकास के लिए आवश्यक है. उनका मानना है कि केवल एनडीए सरकार ही राज्य के विकास, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी कम करने में सक्षम है. उन्होंने जोर देकर कहा कि डबल इंजन की सरकार जनता की सेवा, राज्य की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है, जबकि महागठबंधन केवल सत्ता पाने के लिए चुनाव लड़ रहा है.
#WATCH | Gaya, Bihar: On #BiharAssemblyElections, Union Minister Jitan Ram Manjhi says, "... Those in the Congress and RJD or the INDIA alliance are all there for their personal interests... Where personal interests are concerned, there will inevitably be differences... Now they… pic.twitter.com/ogVh7a2InR
— ANI (@ANI) October 21, 2025
इससे पहले, बीजेपी लगातार अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर रही है, जबकि महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर आपसी खींचतान जारी है. राजद और कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल में विलंब और मतभेद ने एनडीए और HAM को सियासी फायदे की स्थिति में ला दिया है.
'निजी हितों को प्राथमिकता देते'- मांझी
मांझी के इस बयान के बाद बिहार की सियासी तस्वीर और भी स्पष्ट हो गई है. उनका मानना है कि जो दल स्थिर सरकार नहीं बना सकते, वे राज्य के विकास में बाधा बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि जनता चुनाव में ऐसे नेताओं का जवाब देगी जो केवल अपने निजी हितों को प्राथमिकता देते हैं.
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, HAM और एनडीए की रणनीतियों पर नजर बनी हुई है. जीतन राम मांझी का कहना है कि एनडीए की सरकार ही बिहार में स्थिरता, विकास और रोजगार सुनिश्चित कर सकती है. इस बीच, महागठबंधन के भीतर जारी मतभेद और सीट बंटवारे की अनबन ने आगामी चुनाव को और भी रोमांचक और अनिश्चित बना दिया है.