Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग की टीम 4 और 5 अक्टूबर को पटना का दौरा करेगी. चुनाव आयोग का यह दौरा आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि बिहार विधान सभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है.
राज्य में चुनाव नवंबर में होने की संभावना है और आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करने से पहले राज्य की तैयारियों की समीक्षा करता है. इस टीम का नेतृत्व करेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार. चुनाव आयोग 3 अक्टूबर को दिल्ली में एक विशेष ब्रीफिंग भी आयोजित करेगा, जिसमें चुनाव पर्यवेक्षक, पुलिस पर्यवेक्षक और खर्च पर्यवेक्षक को बिहार चुनावों के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.
आयोग की टीम राज्य सरकार के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी ताकि चुनावी प्रक्रिया के बारे में अंतिम बारीकी से जानकारी प्राप्त की जा सके.
इस बीच, बिहार की मतदाता सूची में विशेष पुनरीक्षण का कार्य अंतिम चरण में है, जो पिछले 20 वर्षों में पहली बार हो रहा है. अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होने की योजना है. हालांकि, इस पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है. उनका आरोप है कि इससे लाखों असली मतदाता, मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं. चुनाव आयोग ने हालांकि यह आश्वासन दिया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा और कोई अवैध नाम भी सूची में नहीं जोड़ा जाएगा.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सुरक्षा की दृष्टि से 350 से 400 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कंपनियां तैनात की जाएंगी. प्रत्येक CAPF कंपनी में 70-80 सुरक्षा कर्मी होंगे. गृह मंत्रालय ने CAPF को अपने वर्तमान पोस्टिंग से हटकर बिहार के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है.
इन कंपनियों में मुख्यत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सशस्त्र सीमा बल (SSB), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और भारत रिजर्व बटालियन के कर्मी शामिल होंगे. ये सभी बल राज्य पुलिस के साथ मिलकर चुनाव के दौरान सुरक्षा बनाए रखेंगे. 2020 में हुए पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में 300 CAPF कंपनियां तैनात की गई थीं, और अब 2025 के चुनाव में यह संख्या बढ़ाकर 400 तक पहुंचने की योजना है.