पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले आज प्रचार का आखिरी दिन है. शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा, लेकिन उससे पहले सियासी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. NDA और महागठबंधन दोनों ही अपने-अपने नेताओं के साथ मैदान में पूरी मजबूती से उतर चुके हैं. आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन बड़ी जनसभाएं करेंगे, वहीं BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा गया में रोड शो के जरिए जनता से वोट की अपील करेंगे.
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पटना के फतुहा, राघोपुर और दो अन्य इलाकों में चुनावी सभाओं में शामिल होंगे. जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे नेताओं के बयान और तीखे होते जा रहे हैं. BJP सांसद रवि किशन ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'राहुल गांधी को जितनी मछलियां मिलीं, उससे भी कम वोट मिलेंगे. हम वोट पकड़ रहे हैं, वो मछली पकड़ रहे हैं.' इस बयान ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 14 नवंबर को नतीजे आएंगे और 18 नवंबर को शपथ लेंगे. चिराग ने तंज कसते हुए कहा, 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने में बुराई नहीं, लेकिन 14 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी.'
किशनगंज की बहादुरगंज सीट से AIMIM प्रत्याशी तौसीफ आलम ने एक चुनावी सभा में बेहद आपत्तिजनक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया. उन्होंने तेजस्वी यादव को धमकी देते हुए कहा कि उनकी आंख, उंगली और जुबान काट दी जाएगी. इतना ही नहीं, उन्होंने तेजस्वी को 'चारा चोर का बेटा' तक कह डाला. बताया जा रहा है कि यह बयान तेजस्वी द्वारा ओवैसी को 'चरमपंथी' कहे जाने के जवाब में दिया गया था.
लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों, तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बीच भी अब खुली जंग छिड़ गई है. तेज प्रताप ने राघोपुर में अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी के समर्थन में सभा की और कहा, 'हरा झंडा वाली RJD पार्टी अब फर्जी है. असली अर्जुन तो राघोपुर का प्रेम कुमार है, तेजस्वी नहीं.' उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर तेजस्वी उनके महुआ क्षेत्र में प्रचार करने आएंगे, तो वह भी राघोपुर जाकर करारा जवाब देंगे.
71 सीटों पर पहले चरण की वोटिंग से पहले बिहार का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है. NDA विकास और स्थिरता का वादा कर रही है, जबकि महागठबंधन बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शिक्षा की दुर्दशा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है. आज शाम प्रचार भले ही थम जाएगा, लेकिन सियासी गर्मी अब और बढ़ने वाली है.