6 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले बिहार की राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है. लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहे लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को पटना में चुनाव प्रचार की कमान खुद संभाली. उन्होंने दानापुर और दीघा क्षेत्रों में रोड शो करते हुए पार्टी उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा. यह रोड शो आरजेडी के लिए न सिर्फ चुनावी रफ्तार बढ़ाने का प्रतीक बना, बल्कि लालू की वापसी का भी बड़ा संकेत माना जा रहा है.
पटना में शाम करीब चार बजे शुरू हुए इस रोड शो में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे. दीघा से खगौल तक करीब 15 किलोमीटर लंबे इस जुलूस में लोगों ने पार्टी के झंडे लहराए और “लालू जिंदाबाद” के नारे लगाए. लालू यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती भी उनके साथ मौजूद थीं. जगह-जगह लोग घरों की छतों और गलियों से इस ऐतिहासिक रैली को देखने उमड़ पड़े.
#WATCH पटना: बिहार विधानसभा चुनाव पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा, "चुनाव प्रचार बहुत अच्छा चल रहा है। गठबंधन जीतेगा। बहुत भीड़ उमड़ रही है। जनता का प्यार तेजस्वी को मिलेगा।" pic.twitter.com/Z5liHtbubr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 3, 2025
रोड शो के दौरान कई जगहों पर लोगों ने लालू यादव का फूलों की पंखुड़ियों से स्वागत किया. कुछ स्थानों पर तो समर्थकों ने जेसीबी मशीन से फूल बरसाए. स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इसे “बदलाव की लहर” बताया. एक युवा समर्थक ने कहा, “यह भीड़ सिर्फ दिखावे की नहीं, विश्वास की है. आज भी लालू यादव लोगों के दिलों में बसते हैं और उनकी लोकप्रियता बरकरार है.”
राजद इस चुनाव में पटना जिले को अपनी ताकत का केंद्र बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. लालू की यह सक्रियता पार्टी के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है. जेल में बंद रीतलाल यादव की अनुपस्थिति में पार्टी उनके परिवार और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में प्रचार कर रही है. रोड शो के जरिए राजद ने अपने कार्यकर्ताओं में एकजुटता और ऊर्जा का संचार किया है.
रीतलाल यादव, पटना जिले के कोथवा गांव के रहने वाले हैं और लंबे समय से दानापुर के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. बताया जाता है कि एक समय दानापुर डिवीजन के रेल टेंडरों में उनका खास दबदबा था. 2016 में वे जेल में रहते हुए विधान परिषद के सदस्य बने और 2020 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने. वे लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव दोनों के करीबी माने जाते हैं और अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं.