पटना: बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को है, अब इसके लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं और चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है. ऐसे में बिहार की सियासत गरमा गई है. पहले चरण के मतदान से पहले नेताओं की रैलियों और रोड शो का दौर जारी है. इसी कड़ी में सोमवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थन में भव्य रोड शो किया. लेकिन यह रोड शो अब दोनों नेताओं के लिए मुसीबत साबित हो रहा है. प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है.
प्रशासन ने जब्त की गाड़ियां
जानकारी के मुताबिक, मोकामा में हुए इस रोड शो के दौरान जेडीयू नेताओं का काफिला बेहद लंबा था. वाहनों की बड़ी संख्या और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को देखते हुए प्रशासन ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना. इसी आधार पर ललन सिंह, सम्राट चौधरी और कार्यक्रम आयोजक के खिलाफ स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया है.
मोकामा की सड़कों पर रोड शो के दौरान निकले हुजूम से माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @LalanSingh_1 जी के साथ एनडीए को जिताने का आग्रह किया।
14 नवंबर को एनडीए का प्रचंड विजय बिहार में शांति, सौहार्द और औद्योगिक विकास की गारंटी भी लेकर आएगी।#NDA4Bihar #14thNovNDAsarkar #Mokama… pic.twitter.com/JaUI1vTHUK— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) November 3, 2025Also Read
रोड शो के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियों की जांच की. इस दौरान सायरन बजाने वाली एक कार समेत दो वाहनों को जब्त कर लिया गया. डीएम ने बताया कि रोड शो के आयोजन के लिए जो आवेदन दिया गया था, उसमें नियमों का पालन नहीं किया गया. इसलिए आयोजक और जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
मोकामा से जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह इस समय दुलारचंद हत्याकांड के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और जेल में बंद हैं. ऐसे में उनके लिए प्रचार की जिम्मेदारी ललन सिंह और सम्राट चौधरी ने उठाई है. दोनों नेताओं ने बरहपुर, मोर, शिवनार से होते हुए मोकामा तिराहा चौक तक रोड शो किया. रास्ते भर समर्थकों ने फूलों की बारिश और मालाओं से उनका स्वागत किया.
आचार संहिता उल्लंघन पर सख्त प्रशासन
रोड शो के दौरान ललन सिंह ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि “अनंत सिंह को एक साजिश के तहत फंसाया गया है, लेकिन बहुत जल्द सच्चाई सामने आएगी.” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जेडीयू प्रत्याशी के पक्ष में वोट करें ताकि क्षेत्र का विकास जारी रह सके.
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. मोकामा में दर्ज यह मामला उसी सख्ती का उदाहरण है. अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इसका असर जेडीयू के चुनावी अभियान पर पड़ता है या नहीं.