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'हद से ज्यादा चढ़ा दिया', वसीम जाफर बोले- विराट कोहली से तुलना बनी बाबर आजम के पतन की वजह

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने विराट कोहली की बाबर आजम से तुलना को बाबर के पतन की वजह बताया है.

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Ashutosh Rai

भारत के पूर्व और मशहूर बल्लेबाज वसीम जाफर अपने बयान से फिर सुर्खियों में आ गए हैं. ट्टीटर पर अपने फनी और जबरदस्त बयानों को लेकर वह फैंस के दिल में जगह बनाकर रखते हैं. इस बार जाफर ने पाकिस्तान के बाबर आजम को लेकर एक बड़ी बात कह दी. उन्होंने कहा कि बाबर की कोहली से तुलना ही बाबर के पतन का कारण बनी. इसका जिम्मेदार उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया को ठहराया. कोहली से बेवजाह तुलना ने उनपर दबाव बढ़ा दिया और बाबर का आज ये हाल हो गया.

पाकिस्तानी मीडिया बाबर के पतन की जिम्मेदार

वसीम जाफर ने अपने 'X' अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में फिर दोहराया कि हालांकि बाबर एक अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया ने बाबर को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. उन्होंने कहा कि बाबर एक अच्छे खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं है. उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है. जाहिर है, एक खिलाड़ी के तौर पर मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं, लेकिन मुझे बस लगा कि उन्हें उनकी सीमा से कहीं ज्यादा आंका गया. उन्हें उनकी सीमा से कहीं ज्यादा आंका गया. विराट कोहली से उनकी तुलना शुरू कर दी गई. पाकिस्तानी प्रशंसकों और मीडिया ने उन्हें किंग बना दिया और मुझे लगता है कि यही उनके पतन की वजह थी.

पाकिस्तानी मीडिया ने बनाया 'किंग बाबर' 

पाकिस्तानी मीडिया बाबा आजम को 'किंग बाबर' कहकर बुलाने लगी. उनकी विराट से बेवजह तुलना शुरू कर दी गई. इसका दबाव बाबर के दिमाग पर हावी हो गया. अपने आप को विराट समझते हुए, वह विराट जैसा बनने की कोशिश करने लगे. बाबर को अपने जैसा खेलने की जरूरत है.  उन्होंने वैसा ही खेलने की कोशिश की जैसा विराट भारतीय टीम में खेला करते थे.  इस पीढ़ी के महानतम खिलाड़ियों में से एक है विराट, उनके जैसा बाबर कभी नहीं बन पाएंगे.

मजबूत पाकिस्तानी टीम बनाने का मौका था

जाफर के अनुसार, बाबर के पास एक मजबूत पाकिस्तानी टीम बनाने का मौका था, लेकिन वह मनचाहे नतीजे हासिल करने में नाकाम रहे."इसके अलावा, उनकी कप्तानी. उन्होंने टीम को वैसा नहीं बनाया जैसा उन्हें बनाना चाहिए था. हालांकि उन्हें मौके मिले, लेकिन वे उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए. न ही वे अपनी टीम के साथ लगातार जीत हासिल कर पाए. हालांकि वे T20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में खेले थे, लेकिन टीम अच्छी थी. पर मुझे बस यही लगा, ‘जब उनके पास मौका था, तब उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को शिखर पर नहीं पहुंचाया."