भारतीय क्रिकेट में चयन समिति का पद हमेशा सबसे अहम जिम्मेदारियों में गिना जाता है. अब इस पद को लेकर एक नई चर्चा सामने आ रही है. पहले माना जा रहा था कि मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल जून 2027 तक बढ़ाया जा सकता है. हालांकि अब बोर्ड इसके मूड में नहीं लग रहा है.
भारत को पिछले दिनों मिली करारी हार और विवादों के बाद इस चर्चा ने और तूल पकड़ लिया है. इसके साथ ही BCCI के अंदर वीवीएस लक्ष्मण के नाम पर गंभीर चर्चा हो रही है. फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और बोर्ड सितंबर में इस विषय पर अंतिम फैसला ले सकता है.
BCCI के भीतर चयन समिति के नेतृत्व को लेकर विचार-विमर्श जारी है. शुरुआती संकेत अजीत अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की ओर थे, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार बोर्ड अजीत अगरकर को उनके पद से हटाना चाहता है. हालांकि अभी तक बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
बता दें अगरकर का अनुबंध आधिकारिक तौर पर जून 2026 में समाप्त हो रहा था, लेकिन बीसीसीआई ने तीन महीने का विस्तार मंजूर किया था, जो सितंबर में समाप्त होगा.
🚨 LAXMAN IN THE RACE OF CHIEF SELECTOR ROLE 🇮🇳
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 5, 2026
- Consideration was Agarkar extending the position till 2027 June but now BCCI officials are looking to appoint Laxman as Chief Selector. [Abhishek Tripathi]
It's still at discussion stage, decision will be made on September. pic.twitter.com/PqEX3FF7zF
रिपोर्ट्स का कहना है कि बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सेलेक्टर बनाने पर विचार कर रही है. लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के विकास से जुड़े रहे हैं. युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने का उनका अनुभव और क्रिकेट की गहरी समझ उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाती है. टीम निर्माण और प्रतिभा पहचानने की उनकी क्षमता को भी बोर्ड के भीतर सकारात्मक नजरिए से देखा जा रहा है.
अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर पहले विस्तार की संभावना जताई जा रही थी. उनके नेतृत्व में चयन समिति ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. हालांकि अब बोर्ड नए विकल्पों पर भी विचार कर रहा है. इससे साफ है कि चयन समिति के भविष्य को लेकर सभी संभावनाएं अभी खुली हुई हैं. क्योंकि पिछले कुछ दिनों में अगरकर के टीम सेलेक्शन को लेकर काफी सवाल उठे थे जैसे संजू को जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर करना और काबिलियत साबित करने के बाद भी कई खिलाड़ियों को टीम में वापसी न देना.
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला अभी विचार-विमर्श के स्तर पर है. BCCI सितंबर में इस विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम निर्णय ले सकता है. तब तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है. क्रिकेट जगत की नजर अब बोर्ड की अगली बैठक पर टिकी रहेगी.