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India Daily

श्रीलंका में 2 शतक के बाद दलीप ट्रॉफी में भी पडिक्कल का धमाका, ‘पडिक्कल पावर’ नहीं ले रही थमने का नाम

देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी जारी रहा. श्रीलंका के खिलाफ दो शतक लगाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने साउथ जोन के लिए अर्धशतक जड़कर फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
श्रीलंका में 2 शतक के बाद दलीप ट्रॉफी में भी पडिक्कल का धमाका, ‘पडिक्कल पावर’ नहीं ले रही थमने का नाम
Courtesy: X

Duleep Trophy: देवदत्त पडिक्कल इन दिनों लगातार शानदार पारियां खेल रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दो शतक लगाने के बाद प्लेयर ऑफ द सीरीज बने पडिक्कल ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी अच्छी बल्लेबाजी की. साउथ जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, हालांकि बड़ी पारी से चूक गए.

बड़े स्कोर से चूक गए पडिक्कल

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन टीम के लिए पडिक्कल ने तीसरे दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया. वह क्रीज पर काफी अच्छी लय में नजर आ रहे थे और उम्मीद थी कि इस पारी को बड़े स्कोर में बदलेंगे. हालांकि 36वें ओवर में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह आउट हो गए. बाउंड्री के पास सब्स्टीट्यूट फील्डर डेनिश दास ने उनका कैच पकड़ा.

श्रीलंका के बाद दलीप ट्रॉफी में भी चला बल्ला

पडिक्कल के लिए हालिया समय काफी शानदार रहा है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने लगातार दो शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया था और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी जीता. अब घरेलू टूर्नामेंट के फाइनल में अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी अच्छी फॉर्म जारी रखी है. साउथ जोन के लिए खेलते हुए पडिक्कल ने एक बार फिर दिखाया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी रन बनाने की क्षमता रखते हैं. हालांकि वह शतक तक नहीं पहुंच सके लेकिन उनकी पारी ने टीम के लिए अहम योगदान दिया.

ईशान किशन ने भी मचाया धमाल

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का बल्ला भी जमकर चला. ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर बनाया, जिसमें कप्तान ईशान की 270 रन की पारी सबसे बड़ी रही. नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान ने इस पारी के साथ दलीप ट्रॉफी के इतिहास में 250 से ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया. इसके अलावा वह अरुण लाल और सबा करीम के बाद ईस्ट जोन के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बने, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक लगाया है.