पाकिस्तान टीम पर वो कहावत बिल्कुल फिट बैठती है 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे'. क्योंकि टीम मैदान पर प्रदर्शन नहीं कर पाती, लेकिन देश अपने खिलाड़ियों को दोष देने के बजाय परिस्थितियों के दोष देता है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम फिलहाल बेहद बुरे दौर से गुजर रही है. कुछ दिनों पहले टीम ने इंग्लैंड का दौरा किया था, जिसमें दोनों मैच गंवाकर टीम को सीरीज से हाथ धोना पड़ा.
इसी बीच पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बाजिद खान ने अपनी टीम के प्रदर्शन को सुधार की सलाह देने के बजाय इंग्लैंड की पिचों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने इस बवाल में बेवज ही भारत को भी घसीट लिया, जो बहुत ही बचकाना है.
बाजिद खान के मुताबिक, भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान मेजबान बोर्ड ऐसी पिचें तैयार करता है, जिन पर टेस्ट मैच पूरे पांच दिन तक चल सकें. उनका दावा है कि इससे ज्यादा दिनों तक मुकाबले होने के कारण इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ज्यादा कमाई होती है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान या दूसरी टीमों के दौरे में मुकाबले तीन या चार दिन में खत्म हो जाते हैं. इससे बोर्ड को आर्थिक नुकसान हो सकता है.
शो के दौरान जब बाजिद खान से पूछा गया कि क्या ऐसे मामले की शिकायत ICC से होनी चाहिए, तो उन्होंने इससे इनकार किया. उनका कहना था कि यह दो देशों के बीच खेली जाने वाली द्विपक्षीय सीरीज है, इसलिए इस मामले में ICC की सीधी भूमिका नहीं बनती. उनके बयान ने पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बीच पिचों को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है.
भारत का पिछला इंग्लैंड दौरा 2025 में हुआ था. पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2 2 की बराबरी पर समाप्त हुई थी. इस दौरान दोनों टीमों के बीच लंबे और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले. पूरी सीरीज करीब 25 दिनों तक चली थी. यही आंकड़ा बाजिद खान के दावे के संदर्भ में चर्चा में है. हालांकि, किसी पिच के पीछे आर्थिक मंशा होने का उनका आरोप उनके बयान पर आधारित है.
मौजूदा सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन इसके बिल्कुल उलट रहा है. हेडिंग्ले टेस्ट में टीम तीन दिन में ही एक पारी और 103 रन से हार गई. लॉर्ड्स में दूसरे मुकाबले की पहली पारी में पाकिस्तान सिर्फ 110 रन बना सका. इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा और चौथे दिन पाकिस्तान को 194 रन से शिकस्त दे दी. लगातार दो हार के बाद अब टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.