menu-icon
India Daily

Indian at CWG 2026: टोक्यो ओलंपिक से ग्लासगो के रिंग तक, क्या राष्ट्रमंडल खेलों में 'सोने का मुक्का' जड़ेंगी लवलीना बोरगोहेन?

Commonwealth Games 2026 में भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन एक बार फिर पदक जीतने के इरादे से उतरेंगी. ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे ग्लासगो में भी बड़ी उम्मीदें हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
Indian at CWG 2026: टोक्यो ओलंपिक से ग्लासगो के रिंग तक, क्या राष्ट्रमंडल खेलों में 'सोने का मुक्का' जड़ेंगी लवलीना बोरगोहेन?
Courtesy: X

भारतीय महिला मुक्केबाजी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल लवलीना बोरगोहेन अब Commonwealth Games 2026 में नई चुनौती के लिए तैयार हैं. टोक्यो ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में अपनी पहचान बनाने वाली लवलीना का लक्ष्य इस बार ग्लासगो में देश के लिए यादगार प्रदर्शन करना और पदक जीतना रहेगा.

असम के गोलाघाट जिले के बारोमुखिया गांव में 2 अक्टूबर 1997 को जन्मीं लवलीना बोरगोहेन ने अपनी मेहनत से भारतीय मुक्केबाजी में खास जगह बनाई. शुरुआत में उन्होंने मुए थाई और किकबॉक्सिंग में हाथ आजमाया लेकिन साल 2012 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के टैलेंट प्रोग्राम के दौरान उनकी प्रतिभा पर नजर पड़ी. इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग को अपना करियर बनाया. कोच पदुम बोरो और राष्ट्रीय कोचों के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी तकनीक को लगातार बेहतर किया. उनकी लंबी रीच, तेज काउंटर पंच और शांत खेल शैली ने उन्हें जल्द ही भारत की सबसे मजबूत महिला मुक्केबाजों में शामिल कर दिया.

लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा. वह ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की तीसरी मुक्केबाज और एमसी मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बनीं. बाद में 69 किलोग्राम वर्ग हटने के बाद उन्होंने 75 किलोग्राम मिडिलवेट वर्ग में खुद को सफलतापूर्वक ढाला. नई दिल्ली में आयोजित 2023 IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी ताकत साबित की. इसके अलावा 2022 एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड और 2023 एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल भी उनके नाम है.

Commonwealth Games में अब तक लवलीना गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं. इस बार वह ग्लासगो 2026 में पहली बार पोडियम तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर उतरेंगी. उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. वह असम पुलिस में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर भी कार्यरत हैं.