नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और 11 फरवरी का दिन बेहद यादगार रहा. मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच हुए कड़े मुकाबले ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं. जहां विंडीज टीम ने अपनी शानदार जीत के साथ सुपर-8 में पहुंचने का रास्ता साफ कर लिया है, वहीं दिग्गज इंग्लैंड के लिए अब आगे की राह काफी मुश्किल नजर आ रही है. इस परिणाम ने ग्रुप-सी की अंक तालिका में नई हलचल पैदा कर दी है.
11 फरवरी को साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को डबल सुपर ओवर में हराकर सुपर-8 में जगह पक्की कर ली. वहीं मुंबई में, इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, लेकिन वेस्टइंडीज ने 6 विकेट पर 196 रन बना दिए. शेरफेन रदरफोर्ड ने 42 गेंदों में नाबाद 76 रनों की विस्फोटक पारी खेली. जेसन होल्डर के 33 और रोस्टन चेज के 34 रनों ने स्कोर को मजबूती दी. टीम का यह प्रभार इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए काफी भारी पड़ा.
197 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत आक्रामक रही. जोस बटलर और फिल सॉल्ट की जोड़ी ने तेज रन बटोरे, लेकिन 38 के स्कोर पर सॉल्ट के आउट होते ही लय बिगड़ गई. बटलर और बेथेल के बीच 36 रनों की संक्षिप्त साझेदारी हुई, परंतु विंडीज गेंदबाजों के सामने मध्यक्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया. अनुशासन के कड़े नियम दिखाते हुए विंडीज ने इंग्लैंड को 19 ओवरों में मात्र 166 रनों पर समेट दिया.
वेस्टइंडीज की इस शानदार जीत में उनके स्पिन गेंदबाजों ने निर्णायक भूमिका निभाई. गुडाकेश मोती ने अपनी फिरकी का जादू चलाते हुए 4 ओवरों में 33 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. उनका बखूबी साथ रोस्टन चेज ने दिया, जिन्होंने 4 ओवरों में किफायती गेंदबाजी करते हुए 29 रन पर 2 विकेट लिए. इसके अलावा रोमारियो शेफर्ड, अकील हुसैन और शमर जोसेफ ने एक-एक विकेट लेकर इंग्लैंड की हार की पूरी पटकथा लिख दी.
इस जीत के बाद वेस्टइंडीज दो मैचों में चार अंकों और 1.625 के नेट रनरेट के साथ शीर्ष पर है. स्कॉटलैंड दो अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड अब तीसरे नंबर पर खिसक गया है. इंग्लैंड की राह अब मुश्किल है क्योंकि उसका नेट रनरेट गिरकर -0.650 हो गया है. विंडीज की जीत और इंग्लैंड की इस हार ने टूर्नामेंट को रोमांचक बना दिया है जिससे सुपर-8 की रेस अब और भी ज्यादा दिलचस्प हो गई है.
इंग्लैंड की इस हार ने नेपाल जैसी उभरती हुई टीम के लिए सुपर-8 के द्वार खोल दिए हैं. नेपाल का वर्तमान नेट रनरेट -0.200 है और उनके लिए अगले तीन मैच बेहद निर्णायक होने वाले हैं. अब सभी की नजरें 12 फरवरी को इटली और नेपाल के बीच होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं. यदि नेपाल अपने अगले मैचों में शानदार प्रदर्शन करता है, तो वह निश्चित रूप से अगले दौर में जगह बना सकता है जो क्रिकेट जगत के लिए उलटफेर होगा.