एक महीने पहले खत्म मान लिया गया था 'करियर', अब प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनकर संजू ने दिया मुंहतोड़ जवाब
सैमसन को टी20 वर्ल्ड कप में पहला मौका नामीबिया के खिलाफ मिला, जहां उन्होंने तेज बल्लेबाजी करते हुए 22 रन बनाए. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में भी उन्होंने आक्रामक अंदाज में 24 रन जोड़े.
अहमदाबाद: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की जीत के पीछे अगर किसी एक खिलाड़ी का सबसे बड़ा योगदान माना जाए तो वह संजू सैमसन हैं. शुरुआत में टीम से बाहर बैठाए जाने के बावजूद सैमसन ने मौका मिलने पर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दे दिया. शानदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब अपने नाम किया.
नामीबिया के खिलाफ मिला मौका
सैमसन को टी20 वर्ल्ड कप में पहला मौका नामीबिया के खिलाफ मिला, जहां उन्होंने तेज बल्लेबाजी करते हुए 22 रन बनाए. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में भी उन्होंने आक्रामक अंदाज में 24 रन जोड़े. हालांकि, उनका असली कमाल नॉकआउट मुकाबलों में देखने को मिला. वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मैच में सैमसन ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
सेमीफाइनल में अद्भुत पारी
इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई. फाइनल मुकाबले में भी सैमसन का बल्ला जमकर चला और उन्होंने 89 रन की अहम पारी खेली. पूरे टूर्नामेंट में सैमसन का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा. उन्होंने पांच मैचों में 80 से अधिक की औसत से कुल 321 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट करीब 200 के आसपास रहा, जो टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे बेहतर रहा. इस दौरान उन्होंने लगातार तीन अर्धशतक लगाए और कुल 24 छक्के भी जड़े.
'सपनों को गहरा झटका लगा'
अवार्ड मिलने के बाद संजू सैमसन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके करियर का सपना था, जो अब पूरा हो गया है. उन्होंने कहा कि वह काफी समय से इस मौके का इंतजार कर रहे थे और खुश हैं कि वह टीम की जीत में योगदान दे पाए.
सैमसन ने यह भी बताया कि 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ही वह इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने का सपना देख रहे थे. हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. संजू सैमसन ने कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद उनकी बैटिंग फॉर्म खराब हुई जिससे उनके सपनों को गहरा झटका लगा. संजू को लगा कि उनका सपना पूरा नहीं हो पाएगा लेकिन किसी तरह उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला और ये चमत्कार हो गया.
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