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India Daily

'पाकिस्तान की एक पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी...', बॉयकॉट विवाद पर कपिल देव ने PCB को जमकर धोया

भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के फैसले पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह कदम भारत से ज्यादा पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाएगा.

Anuj
Edited By: Anuj
'पाकिस्तान की एक पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी...', बॉयकॉट विवाद पर कपिल देव ने PCB को जमकर धोया
Courtesy: @Shanu_3010

नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा मुकाबला होना था, जिसको लेकर काफी चर्चा की जा रही थी. अब इस मुकाबले को लेकर विवाद गहरा गया है.

भारत-पाकिस्तान का मैच क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी माना जाता है, लेकिन अब माहौल गरमा गया है. पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी. 

पाकिस्तान सरकार का फैसला

पाकिस्तान ने रविवार को इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की थी. यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है. बांग्लादेश अपने मैच भारत से बाहर कराने की जिद पर अड़ा था. इस मांग को आईसीसी ने खारिज करते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से आउट कर दिया. 

कपिल देव की तीखी प्रतिक्रिया

भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के फैसले पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह कदम भारत से ज्यादा पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाएगा. कपिल देव के मुताबिक, यह मामला सिर्फ राजनीति या देश की छवि का नहीं है, बल्कि इससे युवा खिलाड़ियों का करियर सीधे तौर पर प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी खुद नहीं खेलना चाहते, तो वे सामने आकर कहे. लेकिन अगर बोर्ड या सरकार खिलाड़ियों को रोकती है, तो इससे देश की साख गिरती है.

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए खतरा

कपिल देव ने चेतावनी दी कि बार-बार मैचों से पीछे हटने और बहिष्कार करने से पाकिस्तान क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है. उनका मानना है कि इससे पाकिस्तान की एक पूरी पीढ़ी बर्बाद होने का खतरा है.  भारत-पाकिस्तान मुकाबले आईसीसी टूर्नामेंट्स की आर्थिक रीढ़ माने जाते हैं. इन मैचों से प्रसारण और विज्ञापन में बड़ी कमाई होती है. ऐसे में इस बहिष्कार ने आईसीसी को भी असहज स्थिति में डाल दिया है.

आईसीसी की बैक-चैनल बातचीत

एक रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी और पीसीबी के बीच बैक-चैनल बातचीत चल रही है. कुछ अन्य क्रिकेट बोर्ड भी आईसीसी के प्रयासों के समर्थन में सामने आए हैं. मकसद यह है कि किसी तरह आपसी समझ बन सके और टूर्नामेंट की संरचना को बड़ा झटका न लगे.