भारतीय T20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इस बार उन्होंने मैदान के बाहर भी कई दिलचस्प बातें सामने रखी हैं. आकाश चोपड़ा के कार्यक्रम ‘बैठ&बोल’ (Baith&Bol) में सूर्या ने टीम चयन से लेकर कप्तानी की जिम्मेदारियों तक चर्चा की.
उन्होंने संजू सैमसन को लेकर अपने सबसे कठिन फैसले का जिक्र किया, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में हार्दिक पंड्या के विकेट के बाद बढ़े दबाव को भी याद किया. बुमराह की भूमिका और अहमदाबाद की यादें भी बातचीत का हिस्सा रहीं.
सूर्यकुमार ने टीम चयन से जुड़े सवाल पर किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि यदि चयनकर्ताओं को टीम के हित में कोई दूसरा फैसला बेहतर लगता है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए. सूर्या ने यह भी बताया कि टीम को एक समय लगा कि अब केवल उम्मीद से काम नहीं चलेगा, बल्कि लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकनी होगी. अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के बाद उन्हें यही बदलाव महसूस हुआ.
संजू सैमसन को लेकर सूर्यकुमार ने अपनी दुविधा खुलकर बताई. टीम में चयन होने के बावजूद किसी खिलाड़ी को अंतिम प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दे पाना कप्तान के लिए आसान नहीं होता. उन्होंने माना कि सैमसन से जुड़ा फैसला उनके लिए सबसे कठिन था. हालांकि बाद में सैमसन ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, फाइनल तक पहुंचे और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया. इससे सूर्या के मन में उनके लिए सम्मान और बढ़ गया.
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को याद करते हुए सूर्यकुमार ने बताया कि शुरुआती ओवरों में उन्हें किसी खास दबाव का एहसास नहीं हुआ था. करीब 10वें या 11वें ओवर तक स्थिति सामान्य थी. लेकिन हार्दिक पंड्या के आउट होने के बाद तस्वीर बदल गई. लगभग 13वें ओवर में आए उस विकेट ने उनकी चिंता बढ़ा दी और उन्हें मुकाबले का वास्तविक दबाव महसूस हुआ. सूर्या ने उस पल को बेहद भावुक अंदाज में याद किया.
जसप्रीत बुमराह को लेकर सूर्या ने कहा कि उनकी 24 गेंदें बेहद कीमती होती हैं और उनका सही इस्तेमाल जरूरी है. उन्होंने बताया कि बुमराह जरूरत पड़ने पर कप्तान की जिम्मेदारी हल्की करने के लिए आगे आते थे. वहीं 2023 की हार के बाद अहमदाबाद को लेकर बनी निगेटिव धारणा भी सूर्या के मन में थी. वह उस कहानी को बदलना चाहते थे. कार्यक्रम का पहला एपिसोड 28 अगस्त 2026 को जारी होगा.