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India Daily

'एक बड़ा झटका...', जमशेदपुर FC के बाहर होने पर भावुक हुए सुनील छेत्री, टाटा ग्रुप से बोले- दिल की सुनिए

इंडियन सुपर लीग से जमशेदपुर FC के हटने के फैसले के बाद सुनील छेत्री ने टाटा ग्रुप से भावुक अपील की. उन्होंने क्लब को बचाने की मांग करते हुए कहा कि भारतीय फुटबॉल को इस समय टाटा के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'एक बड़ा झटका...', जमशेदपुर FC के बाहर होने पर भावुक हुए सुनील छेत्री, टाटा ग्रुप से बोले- दिल की सुनिए
Courtesy: X

भारतीय फुटबॉल को बड़ा झटका तब लगा जब जमशेदपुर FC ने अगले सीजन से इंडियन सुपर लीग में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया. इस फैसले के बाद भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री ने टाटा ग्रुप से दोबारा सोचने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक क्लब नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की पहचान है.

सुनील छेत्री की भावुक अपील

जमशेदपुर FC के इंडियन सुपर लीग छोड़ने के फैसले के बाद सुनील छेत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लंबा भावुक संदेश लिखा. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप ने सालों तक भारतीय फुटबॉल को मजबूती दी है और ऐसे समय में उनका पीछे हटना पूरे खेल के लिए नुकसान होगा. छेत्री ने लिखा कि बिजनेस के फैसले अपनी जगह सही हो सकते हैं लेकिन कभी-कभी दिल की बात भी सुननी चाहिए. उन्होंने टाटा ग्रुप से अनुरोध किया कि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार करे. भारतीय फुटबॉल को अभी भी उनके सहयोग की जरूरत है.

जमशेदपुर FC के फैसले से खिलाड़ियों में मायूसी

जमशेदपुर FC ने घोषणा की है कि वह 2026-27 सीजन से इंडियन सुपर लीग में हिस्सा नहीं लेगी और मौजूदा डूरंड कप के बाद अपनी पहली टीम का संचालन बंद कर देगी. क्लब बढ़ाई गई समय सीमा तक लीग में खेलने की फीस जमा नहीं कर सका. इस फैसले से खिलाड़ियों और टीम स्टाफ में निराशा है. डिफेंडर प्रतीक चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर टाटा ग्रुप से क्लब को बचाने की अपील की. खिलाड़ियों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए अचानक आया और इससे उनके भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.

भारतीय फुटबॉल के लिए अहम है यह फैसला

जमशेदपुर FC पिछले नौ साल से इंडियन सुपर लीग का हिस्सा रही है और इस दौरान उसने भारतीय फुटबॉल में अपनी मजबूत पहचान बनाई. क्लब ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट स्तर पर फुटबॉल का समर्थन जारी रखेगा लेकिन पहली टीम को बंद करने का फैसला कायम रहेगा. दूसरी ओर, AIFF ने सभी ISL क्लबों को भागीदारी शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाई थी. इंटर काशी सहित बाकी 13 क्लबों ने समय पर फीस जमा कर दी लेकिन जमशेदपुर FC ऐसा नहीं कर सका. अब 4 सितंबर से शुरू होने वाले नए ISL सीजन में एक टीम कम होगी और इसे भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.