Happy Birthday Smriti Mandhana: 9 साल की उम्र में शुरू हुआ था सफर, 31 की उम्र में रिकॉर्डों की रानी बनीं स्मृति
भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना 18 जुलाई को 31 साल की हो गई हैं. शानदार बल्लेबाजी, लगातार अच्छे प्रदर्शन और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड के दम पर उन्होंने महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई. अब उन्हें हरमप्रीत कौर के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तान के रूप में देखा जा रहा है.
भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल स्मृति मंधाना आज अपना 31वां जन्मदिन मना रही हैं. पिछले कई सालों में उन्होंने अपने खेल, आत्मविश्वास और निरंतर प्रदर्शन से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है. उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली मंधाना आज टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं और आने वाले सालों में उनसे और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है.
बचपन से क्रिकेट बना पहचान
18 जुलाई 1996 को मुंबई में जन्मीं स्मृति मंधाना का क्रिकेट से रिश्ता बचपन में ही जुड़ गया था. उनके पिता और भाई दोनों क्रिकेट खेलते थे. परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें इस खेल की ओर बढ़ाया. उनके पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज पसंद थे, इसलिए स्मृति ने भी उसी शैली में बल्लेबाजी शुरू की. यही फैसला आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया.
कम उम्र में मिली बड़ी सफलता
सिर्फ नौ साल की उम्र में मंधाना महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में शामिल हो गईं. दो साल बाद उन्होंने अंडर 19 टीम में भी जगह बना ली. घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम का बुलावा मिला. 5 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ टी20 मुकाबले से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.
Also Read
- आंकड़े दे रहे गवाही... 891 रन के बाद भी रिटायरमेंट की चर्चा क्यों? क्या सिर्फ 8 मैच तय करेंगे रोहित का भविष्य?
- BCCI on Rohit Retirement: लॉर्ड्स वनडे नहीं होगा रोहित का आखिरी? 'HITMAN' के रिटायरमेंट पर BCCI ने तोड़ी चुप्पी
- 2026 महिला हॉकी विश्व कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, नेशंस कप की विजेता टीम पर जताया भरोसा
रिकॉर्डों से भरा शानदार करियर
स्मृति मंधाना ने तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया. वो दो बार ICC की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का सम्मान जीत चुकी हैं. वनडे में भारत की सबसे तेज शतकीय पारी खेलने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है. एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन और चार वनडे शतक लगाने जैसी उपलब्धियां भी उन्होंने अपने नाम दर्ज की हैं.
कप्तानी में भी दिखाई नेतृत्व क्षमता
मंधाना केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहीं. उन्होंने नेतृत्व की भूमिका में भी अपनी क्षमता साबित की. उनकी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने महिला प्रीमियर लीग में दो खिताब जीते. इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें भविष्य में हरमप्रीत कौर के बाद भारतीय टीम का कप्तान देखा जा रहा है.