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ईरान पर ट्रंप का सबसे बड़ा वार! पुल, एयरपोर्ट और पावर स्टेशन सब तबाह; अब क्या होगा तेहरान का अगला कदम?

अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम नागरिक और रणनीतिक ढांचों पर बड़े हमले किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पुल, पावर स्टेशन, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब नए मोड़ ले लिया है. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई अहम ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. इन हमलों में केवल सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि पुल, एयरपोर्ट, पावर स्टेशन, रेलवे स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया गया. इससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की खबर है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र बंदर अब्बास और उसके आसपास का क्षेत्र रहा. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों और देश के अंदरूनी हिस्सों के बीच संपर्क को कमजोर करना था. इसके बाद अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान आगे क्या रणनीति अपनाता है.

बंदर अब्बास बना हमलों का सबसे बड़ा केंद्र

हमलों के दौरान अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास के आसपास मौजूद कई अहम स्थानों को निशाना बनाया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां 10 से अधिक लक्ष्यों पर कार्रवाई की गई. पुलों, प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से बंदर अब्बास का आसपास के कई इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है. यह शहर ईरान के प्रमुख तटीय केंद्रों में शामिल माना जाता है.

पुल, सड़क और रेलवे नेटवर्क को पहुंचा नुकसान

हमलों में कई पुलों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है. इनमें काहूरस्तान ब्रिज, गरिवेह ब्रिज, कलामताली पुल और कुछ निर्माणाधीन पुल भी शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए. इन स्थानों का उपयोग समुद्री रास्ते से आने वाले सामान और परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.


बिजली व्यवस्था और संचार नेटवर्क भी प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हमलों का असर बिजली के बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है. कई तटीय इलाकों में पावर स्टेशन और बिजली सब-स्टेशन प्रभावित होने के बाद लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी सामने आई. बंदर अब्बास, बुशहर, किश द्वीप और बंदर खमीर के कुछ हिस्सों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनने का दावा किया गया है. संचार नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचने की खबर है.

रणनीतिक ठिकानों पर भी हुई कार्रवाई

अमेरिकी कार्रवाई केवल पुलों और बिजली ढांचे तक सीमित नहीं रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरपोर्ट, कंट्रोल टावर, एयरबेस और नेवल बेस जैसे रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से तटीय क्षेत्रों तक रसद और आवागमन प्रभावित हो सकता है. हालांकि इन दावों पर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.

अब ईरान की अगली रणनीति पर नजर

हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान लगातार अमेरिका के साथ बातचीत की बात भी कर रहा है, जबकि दूसरी ओर जवाबी रणनीति पर भी काम जारी है. वहीं अमेरिका की ओर से जारी बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि दबाव की नीति आगे भी जारी रह सकती है. ऐसे में पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.