menu-icon
India Daily

भारतीय जैवलिन थ्रोवर ने जीता सिल्वर मेडल, पाकिस्तान के अरशद नदीम से गोल्ड छीनने में रहे नाकाम

Asian Athletics Championships 2025: एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के उभरते हुए जैवलिन थ्रोवर सचिन यादव ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है. इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के अरशद नदीम ने गोल्ड मेडल जीता है.

mishra
भारतीय जैवलिन थ्रोवर ने जीता सिल्वर मेडल, पाकिस्तान के अरशद नदीम से गोल्ड छीनने में रहे नाकाम
Courtesy: Social Media

Asian Athletics Championships 2025: 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के उभरते हुए जैवलिन थ्रोवर सचिन यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. दक्षिण कोरिया के गुमी में 31 मई 2025 को हुए इस टूर्नामेंट में सचिन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन वह पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम से गोल्ड मेडल छीनने में नाकाम रहे. भारत ने इस दिन कुल तीन मेडल जीते, जिसमें सचिन का सिल्वर और दो कांस्य पदक शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा गांव से ताल्लुक रखने वाले 25 वर्षीय सचिन यादव ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 85.16 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल हासिल किया. यह उनका नया पर्सनल बेस्ट था, जो उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ 84.39 मीटर से बेहतर था. हालांकि, वह पाकिस्तान के अरशद नदीम से पीछे रह गए, जिन्होंने 86.40 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता. सचिन ने अपनी आखिरी दो कोशिशों में 83.03 और 85.16 मीटर के थ्रो फेंके, जिसने उन्हें मेडल की दौड़ में दूसरा स्थान दिलाया.

अरशद नदीम का दबदबा

पाकिस्तान के अरशद नदीम, जो पेरिस ओलंपिक 2024 के गोल्ड मेडलिस्ट हैं, ने अपने तीसरे थ्रो से ही फाइनल में बढ़त बना ली थी. उनके 86.40 मीटर के थ्रो ने उन्हें इस सीजन का एशियाई सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दिलाया. अरशद ने अपनी पहली कोशिश में 75.45 मीटर का थ्रो फेंका, लेकिन तीसरे थ्रो में 85.47 मीटर और आखिरी कोशिश में 86.40 मीटर फेंककर गोल्ड पक्का किया. भारत के एक अन्य थ्रोवर यशवीर सिंह ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और 82.57 मीटर के पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ पांचवां स्थान हासिल किया.

भारत का मेडल टैली

एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने कुल 24 मेडल जीते, जिसमें 8 गोल्ड, 10 सिल्वर और 6 कांस्य पदक शामिल हैं. भारत मेडल टैली में चीन (15 गोल्ड, 8 सिल्वर, 3 कांस्य) के बाद दूसरे स्थान पर रहा. भारत का यह प्रदर्शन 2017 के भुवनेश्वर संस्करण (27 मेडल) के बाद दूसरा सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है.