'पंत पर बोझ बनती जा रही है कप्तानी',वसीम जाफर ने LSG को दी कप्तान बदलने की सलाह; इस खिलाड़ी को बताया बेहतर विकल्प

आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की हालत बेहद खराब है. 27 करोड़ के खिलाड़ी ऋषभ पंत की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों सवालों के घेरे में हैं. टीम फिलहाल अंक तालिका में सबसे नीचे संघर्ष कर रही है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन जब हारना ही किसी टीम की नियति हो जाती है, तो टीम नेतृत्व पर सवाल खड़े होने लाजिमी हैं. आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) इसी कड़वे सच का सामना कर रही है. ऋषभ पंत के नेतृत्व में यह टीम विपक्षी खिलाड़ियों से कम और अपनी आंतरिक उलझनों से ज्यादा हार रही है. आठ में से छह मैच हार चुकी लखनऊ अब टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है.

ऋषभ पंत आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें लखनऊ ने 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में खरीदा है. लेकिन बड़ी कीमत के साथ आने वाली बड़ी जिम्मेदारी अब उन पर एक भारी बोझ बनती दिख रही है. आंकड़ों की मानें तो कप्तानी संभालते ही पंत की अपनी स्वाभाविक आक्रामकता गायब हो जाती है. उनका स्ट्राइक रेट और बल्लेबाजी औसत दोनों ही काफी गिर गए हैं. मैदान पर वे अक्सर रणनीतिक असमंजस में दिखते हैं जो टीम के लिए चिंताजनक है.

वसीम जाफर ने क्या सलाह दी? 

लखनऊ की लगातार हार को देखते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने कड़े फैसले लेने की वकालत की है. जाफर का स्पष्ट मानना है कि पंत को फिलहाल कप्तानी के भारी दबाव से मुक्त कर देना चाहिए ताकि वे अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान दें. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एडेन मार्करम को नया कप्तान बनाने का सुझाव दिया है. जाफर के अनुसार, मार्करम एक शांत नेतृत्वकर्ता हैं, जो पूरी टीम से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवा सकते हैं और दबाव को कम कर सकते हैं.

केकेआर के खिलाफ रणनीतिक चूक 

इस सीजन में पंत की कप्तानी की सबसे बड़ी तकनीकी कमजोरी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मैच के दौरान दिखी. पारी के आखिरी पांच ओवरों में टीम की रक्षात्मक योजनाएं पूरी तरह बिखरती नजर आईं. रिंकू सिंह जैसे घातक बल्लेबाज के सामने दिग्वेश राठी को अंतिम ओवर में गेंद थमाना एक बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित हुई. रिंकू ने चार छक्के जड़कर हारा हुआ मैच अपनी टीम की ओर मोड़ दिया. यह नेतृत्व की स्पष्टता की कमी है जो लखनऊ को भारी पड़ी.

डगआउट में पसरा असमंजस 

मैदान के साथ-साथ लखनऊ सुपर जायंट्स का डगआउट भी आजकल काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. टीवी कैमरा जब भी टीम मैनेजमेंट की ओर मुड़ता है, वहां केवल गहरा असमंजस और चिंता ही नजर आती है. लगभग हर गेंद पर योजनाएं बदलना और खिलाड़ियों के रोल में बार-बार बदलाव करना टीम को अस्थिर कर रहा है. आधुनिक क्रिकेट में जहां टीमें तेजी से रन बनाकर दबाव हटाती हैं, वहां लखनऊ की टीम खुद को रक्षात्मक जाल में धकेल रही है जो उनकी विफलता है.

ऋषभ पंत के लिए यह स्थिति बहुत जटिल है क्योंकि वे टीम का मुख्य चेहरा हैं. वे खुद भी कप्तानी करने के इच्छुक हैं और इतनी बड़ी कीमत के कारण उन पर अतिरिक्त दबाव भी है. 27 करोड़ की राशि के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी आती है जिसका निर्वहन करना फिलहाल मुश्किल हो रहा है. अब देखना यह होगा कि क्या टीम का प्रबंधन जाफर की सलाह मानकर कप्तानी में बदलाव का साहसी कदम उठाता है या फिर पंत खुद इस कठिन दौर से टीम को निकाल पाएंगे.