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बुद्ध सर्किट की वापसी: F1 और सुपर फॉर्मूला की रेस से फिर गूंजेगा ग्रेटर नोएडा!

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट ने 2011 से 2013 तक तीन बार भारतीय ग्रां प्री की मेजबानी की थी. विश्व प्रसिद्ध डिजाइनर हर्मन टिल्के द्वारा बनाया गया यह 5.14 किलोमीटर लंबा ट्रैक अपनी हाई-स्पीड स्ट्रेट और चुनौतीपूर्ण कॉर्नर्स के लिए मशहूर है.

Gyanendra Sharma
बुद्ध सर्किट की वापसी: F1 और सुपर फॉर्मूला की रेस से फिर गूंजेगा ग्रेटर नोएडा!
Courtesy: Photo-Social Media X

ग्रेटर नोएडा: भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के लिए खुशखबरी की बयार बह रही है. यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट  एक बार फिर वैश्विक रेसिंग का हॉटस्पॉट बनने की दहलीज पर खड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, फॉर्मूला-1 रेस आयोजित करने वाली प्रमुख कंपनी ने हाल ही में YEIDA अधिकारियों से संपर्क किया है. अगर बात बन जाती है, तो 2013 के बाद पहली बार भारत में F1 कारों की दहाड़ सुनाई देगी.

ये सिर्फ F1 तक सीमित नहीं है. पिछले हफ्ते जापानी डेलिगेशन ने सर्किट का दौरा किया और 2027 में यहां जापान की मशहूर 'सुपर फॉर्मूला' रेस कराने की मजबूत इच्छा जताई. यह आयोजन भारत में पहली बार होगा और एशिया की सबसे तेज ओपन-व्हील रेसिंग सीरीज को भारतीय धरती पर लाएगा.

2013 के बाद का सूना पड़ गया था सर्किट

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट ने 2011 से 2013 तक तीन बार भारतीय ग्रां प्री की मेजबानी की थी. विश्व प्रसिद्ध डिजाइनर हर्मन टिल्के द्वारा बनाया गया यह 5.14 किलोमीटर लंबा ट्रैक अपनी हाई-स्पीड स्ट्रेट और चुनौतीपूर्ण कॉर्नर्स के लिए मशहूर है. लेकिन टैक्स विवाद, फाइनेंशियल इश्यूज और लॉजिस्टिक्स प्रॉब्लम्स की वजह से 2013 के बाद F1 कैलेंडर से बाहर हो गया. तब से यह ट्रैक मुख्य रूप से नेशनल लेवल की रेसिंग और टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल होता रहा.

अब लगता है कि सूखा खत्म होने वाला है. YEIDA के CEO अरुण वीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कन्फर्म किया कि F1 प्रमोटर्स की तरफ से प्रस्ताव आया है. दोनों पक्षों के बीच मीटिंग्स चल रही हैं. अगर डील पक्की हो गई, तो 2026 या 2027 से F1 की वापसी तय मानी जा रही है.

सुपर फॉर्मूला: F1 से सिर्फ एक कदम पीछे!

जापान की सुपर फॉर्मूला रेसिंग को 'एशिया का F1' कहा जाता है. यह फॉर्मूला-1 के बाद दुनिया की दूसरी सबसे तेज सिंगल-सीटर रेसिंग सीरीज है. यहां की कारें 750 हॉर्सपावर की पावर के साथ 320 किमी/घंटा तक की स्पीड छूती हैं. डल्लारा चेसिस और टोयोटा/होंडा इंजन वाली ये कारें F1 से सिर्फ एरोडायनामिक्स में थोड़ी अलग होती हैं.

खास बात ये कि रेस के दौरान ड्राइवर्स का रियल-टाइम डेटा (स्पीड, टायर वियर, फ्यूल लेवल) फैंस को लाइव उपलब्ध होता है. इससे इसका ग्लोबल फैनबेस 50 लाख से ज्यादा है. जापानी ऑटोमोबाइल फेडरेशन (JAF) और सुपर फॉर्मूला ऑर्गेनाइजर्स भारत को एशियाई मार्केट बढ़ाने का बड़ा मौका मान रहे हैं. जापानी टीम के लीडर ने दौरा करने के बाद कहा, बुद्ध सर्किट की लेआउट और इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड-क्लास है. हम 2027 में यहां दो राउंड आयोजित करना चाहते हैं.