ग्लासगो में चल रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. पुरुषों की 65 किग्रा स्पर्धा में राजा मुथुपंडी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. ये भारत का रविवार का तीसरा मेडल रहा और तीनों मेडल वेटलिफ्टिंग से आए हैं. लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद राजा की यह उपलब्धि उनके संघर्ष और मेहनत की बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है.
राजा मुथुपंडी ने प्रतियोगिता में कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम का सफल प्रयास किया. इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया. मलेशिया के अज़नील बिन बिदिन मोहम्मद ने 299 किलोग्राम के रिकॉर्ड कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता.
|| #IndiaAtCWG || 𝐖𝐞𝐢𝐠𝐡𝐭𝐥𝐢𝐟𝐭𝐢𝐧𝐠🏋️🇮🇳
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 27, 2026
🇮🇳 India's 𝐑𝐚𝐣𝐚 𝐌𝐮𝐭𝐡𝐮𝐩𝐚𝐧𝐝𝐢 won the 🥈silver medal in the men's 65kg weightlifting event, lifting a combined 286kg (126kg snatch + 160kg clean & jerk).
Malaysia's Muhamad Aznil Bin Bidin claimed 🥇gold with a Games… pic.twitter.com/6dpjTYUOep
राजा मुथुपंडी का यह सिल्वर मेडल उनके संघर्ष की कहानी भी बयां करता है. साल 2019 में कोहनी के लिगामेंट की गंभीर चोट ने उनके करियर पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया था. इसके बाद महामारी और प्रतिस्पर्धा के कारण उनका सफर और मुश्किल हो गया था. हालांकि 65 किग्रा वर्ग शुरू होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की और लगातार बेहतर प्रदर्शन किया.
रविवार का दिन भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के लिए बेहद खास रहा. इससे पहले मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किग्रा स्पर्धा में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीता. वहीं चनंबम ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किग्रा स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. राजा के पदक के साथ भारत के खाते में दिन के तीन पदक हो गए.
जहां वेटलिफ्टिंग में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बॉक्सिंग में टीम को पहला झटका लगा. आदित्य प्रताप यादव प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में युगांडा के नूहू बैटे से 3-2 के करीबी अंतर से हार गए. इसके साथ ही ग्लासगो 2026 में भारत को बॉक्सिंग में पहली हार का सामना करना पड़ा.