नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि टीम की सोच और कल्चर को लेकर भी बड़ी बहस छिड़ी हुई है. टीम के कई दिग्गज खिलाड़ियों की फिटनेस और उनके प्रदर्शन की चर्चा के साथ ही ड्रेसिंग रूम में सुपरस्टार कल्चर को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है. टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर ड्रेसिंग रूम में सुपरस्टार कल्चर खत्म करना चाहते हैं.
लेकिन टीम के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ गंभीर की इस मानसिकता से कोई इत्तेफाक नहीं रखते हैं. उन्होंने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया है जिसे लेकर क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है. द्रविड़ ने साफ कहा कि क्रिकेट जैसे बड़े खेल को आगे बढ़ाने के लिए सुपरस्टार खिलाड़ियों और प्रेरणादायक चेहरों की जरूरत हमेशा रहेगी.
दरअसल, मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट से 'सुपरस्टार कल्चर' को कम करने की बात कर चुके हैं. उनका मानना है कि टीम व्यक्तिगत छवि या उपलब्धि से ऊपर होनी चाहिए, जिस कारण वह भारतीय क्रिकेट टीम से 'सुपरस्टार कल्चर' खत्म करना चाहते हैं. हालांकि द्रविड़ ने अलग राय रखते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी का सुपरस्टार बनना उसकी मेहनत और लगातार प्रदर्शन का परिणाम होता है.
राहुल द्रविड़ का मानना है कि हर खेल को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो नई पीढ़ी को प्रेरित कर सकें. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में खिलाड़ी तभी सुपरस्टार बनता है जब वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करे और टीम को जीत दिलाए. उनके अनुसार, लोकप्रियता केवल नाम से नहीं मिलती, बल्कि मैदान पर किए गए योगदान से बनती है.
द्रविड़ ने भारतीय टीम के हालिया टेस्ट प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने माना कि टीम अभी तक विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की कमी से पूरी तरह उबर नहीं पाई है. उनके मुताबिक, इतने बड़े खिलाड़ियों की जगह भरना आसान नहीं होता और टीम को स्थिर होने में समय लगता है. बता दें जब से गौतम गंभीर भारत के हेड कोच बने हैं तब से टेस्ट प्रारूप में टीम के प्रदर्शन में गिरावट आई है.