नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग के नए संस्करण का आगाज तीन दिनों में हो जाएगा. लीग की शुरुआत 26 मार्च को लाहौर कलंदर्स बनाम हैदराबाद किंग्समेन की भिड़ंत से होगी. लीग की शुरुआत से पहले ही बोर्ड सुरक्षा चिंताओं से घिरती नजर आ रही है. अब लीग की सुरक्षा संबंधी नई परेशानी ने जन्म ले लिया है.
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट जमात-उल-अहरार (JuA) ने पीएसल शुरु होने से पहले ही विदेशी खिलाड़ियों के लिए धमकी भरा बयान जारी किया है. जिसके बाद अब पीएसएल में विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
जमात-उल-अहरार ने अपने बयान में कहा कि PSL में विदेशी खिलाड़ी न आए. इस लीग में विदेशी खिलाड़ियों से पाकिस्तान न आने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है और उन्हें नुकसान पहुंचने का खतरा है. इस दौरान गुट ने विदेशी खिलाड़ियों से अपन सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी है.
इन गुटों ने कहा कि वे क्रिकेट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पाकिस्तान में मौजूदा सुरक्षा हालात इस खेल की मेज़बानी के लिए ठीक नहीं हैं.
🔴 JUST IN 🇵🇰
Armed opposition groups in Pakistan have issued a statement urging all foreign players participating in the Pakistan Super League (PSL) cricket matches to avoid traveling to Pakistan, stating that their security is not guaranteed and there is a risk of harm.
The… pic.twitter.com/caf7Tim1ep— Islamabad Post (@ISBPost) March 23, 2026Also Read
समूहों ने चेतावनी दी है कि विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती और मौजूदा परिस्थितियों में नुकसान का संभावित खतरा बना हुआ है. इस सलाह ने लीग में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मेजबानी को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
यह घटनाक्रम पीएसएल के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर सामने आया है, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर फ्रेंचाइजी में भाग लेने वाले हैं. खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता टीम संयोजन और टूर्नामेंट के समग्र संचालन को प्रभावित कर सकती है.
टूर्नामेंट के आयोजकों और संबंधित अधिकारियों ने अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह भी देखना बाकी है कि क्रिकेट बोर्ड और विदेशी खिलाड़ी इस चेतावनी के मद्देनजर अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार करेंगे या नहीं.