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PSG की जीत का जश्न पड़ा भारी, पेरिस की सड़कों पर भड़की हिंसा; हिरासत में 70 से ज्यादा लोग

फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की शानदार जीत के बाद लाखों फुटबॉल फैंस फ्रांस की सड़कों पर झूमते नजर आए. लेकिन बहुत ही जल्द इस जश्न ने एक हिंसक झड़प का रूप ले लिया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
PSG की जीत का जश्न पड़ा भारी, पेरिस की सड़कों पर भड़की हिंसा; हिरासत में 70 से ज्यादा लोग
Courtesy: X (@Crazyunfill94)

नई दिल्ली: फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की शानदार जीत ने जहां लाखों प्रशंसकों को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया, वहीं फ्रांस की राजधानी पेरिस के कुछ इलाकों में जश्न का माहौल अचानक तनाव और हिंसा में बदल गया. जीत का उत्साह इतना बढ़ गया कि कई जगहों पर भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके चलते पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े. शहर के मुख्य इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है साथ ही कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.

PSG की रोमांचक पेनल्टी शूटआउट जीत के बाद हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए. प्रशासन ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए कई ट्राम सेवाएं बंद कर दी थीं, कुछ मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था और कई रास्तों पर बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पहुंच गए.

चैंप्स-एलिसीज पर बढ़ा तनाव

पेरिस के मशहूर चैंप्स-एलिसीज एवेन्यू पर भारी भीड़ जमा हो गई थी. पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों की ओर पटाखे और फ्लेयर्स फेंके. हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कई लोगों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा गया.

स्टेडियम के बाहर भी हुआ बवाल

मैच के दौरान पार्क डेस प्रिंसेस स्टेडियम के बाहर भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली. बड़ी संख्या में लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं. इस दौरान एक पुलिस अधिकारी घायल भी हो गए. आसपास के कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा.

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

संभावित उपद्रव को देखते हुए पूरे फ्रांस में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. अकेले पेरिस में करीब 8,000 सुरक्षाकर्मी निगरानी में लगे हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य जश्न को शांतिपूर्ण बनाए रखना था, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.

पिछले साल की घटनाओं से लिया गया सबक

पिछले साल भी PSG की जीत के बाद कुछ इलाकों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं. इसी वजह से इस बार दुकानदारों ने पहले से ही अपनी दुकानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम कर लिए थे. प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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