Paris Olympics: भारत के लक्ष्य सेन ने सोमवार को कांस्य पदक के प्लेऑफ में मलेशिया के ली जी जिया के खिलाफ पहला गेम 21-13 से जीत लिया है. अब उनकी नजर ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बनने पर है.
पहला सेट हारने के बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने दूसरे सेट में जबरदस्त वापसी की. लक्ष्य सेन ने दूसरे सेट में भी 8-2 की बढ़त हासिल कर ली थी लेकिन मलेशियाई खिलाड़ी ने वहां से वापसी करते हुए दूसरे सेट में भारत के लक्ष्य सेन को 21-16 से हरा दिया.
तीसरे सेट में भी ली जिया ने अपनी बढ़त को बरकरार रखा और लक्ष्य सेन को वापसी करने से रोक दिया. तीसरे सेट में लक्ष्य ने टक्कर जरूर दी लेकिन ली जिया ने 21-11 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. भारत के लक्ष्य सेन को इस दौरान दाहिने हाथ में चोट भी लगी लेकिन उसके बावजूद उन्होंने पूरी लड़ाई की.
इससे पहले विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन को 54 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में दो बार के विश्व चैंपियन एक्सेलसन के सामने 20-22, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही बैडमिंटन में भारत का पदक का सपना भी समाप्त हो गया.
ओलंपिक के इतिहास में भारत ने बैडमिंटन में कभी भी ओलंपिक स्वर्ण पदक नहीं जीता है, पी.वी. सिंधु ने रियो और टोक्यो ओलंपिक में रजत और कांस्य पदक जीता था. साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था.