2016 में लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए खेलने से संन्यास लेकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. उस समय लगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अधूरा रह जाएगा लेकिन कुछ सालों में कहानी पूरी तरह बदल गई. आज वही मेसी विश्व कप विजेता हैं और 2026 में एक और बड़े सपने के साथ उतरेंगे.
साल 2016 फुटबॉल की दुनिया के लिए कई यादगार घटनाओं से भरा था. लीसेस्टर सिटी ने इंग्लिश प्रीमियर लीग जीतकर सबको चौंका दिया था. पेप गार्डियोला मैनचेस्टर सिटी में अपनी नई शुरुआत की तैयारी कर रहे थे. किलियन एम्बाप्पे उस समय एक युवा खिलाड़ी थे, जिनसे दुनिया को बड़ी उम्मीदें थीं. वहीं क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल को यूरो कप जिताकर इतिहास रच दिया था लेकिन उसी साल लियोनेल मेसी के लिए कहानी बिल्कुल अलग थी. कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ हार के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी. पेनल्टी शूटआउट में उनकी मिस हुई किक ने अर्जेंटीना के करोड़ों प्रशंसकों को निराश कर दिया था. लगातार दूसरी बार चिली के खिलाफ फाइनल हारने के बाद मेसी बेहद दुखी थे. उस समय ऐसा लग रहा था कि अर्जेंटीना के लिए बड़ी ट्रॉफी जीतना उनके करियर का अधूरा सपना ही रह जाएगा.
उस समय मेसी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल थे. बार्सिलोना के साथ वह नेमार और लुइस सुआरेज के साथ मिलकर शानदार आक्रमण का हिस्सा थे और टीम ने 2015 में ट्रेबल जीता था. वह पांच बार बैलन डी'ओर भी जीत चुके थे. क्लब स्तर पर उनके पास लगभग सब कुछ था लेकिन अर्जेंटीना के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी की कमी हमेशा उनके ऊपर सवाल खड़े करती रही. 2014 विश्व कप फाइनल तक पहुंचने के बावजूद वह खिताब से दूर रह गए थे. कई लोग उनकी तुलना डिएगो माराडोना से करते थे और यही दबाव उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था.
जब मेसी ने 2016 में संन्यास का फैसला लिया, तब अर्जेंटीना का एक 15 साल का लड़का भी यह खबर देख रहा था. उसका नाम एन्जो फर्नांडीज था. उस समय वह फुटबॉल की दुनिया में एक अनजान युवा मिडफील्डर था लेकिन मेसी उसके सबसे बड़े हीरो थे. उसने सोशल मीडिया पर मेसी के लिए एक भावुक संदेश लिखा और उनसे अपना फैसला बदलने की अपील की. उसने कहा कि दुनिया में कोई भी खिलाड़ी उतना दबाव नहीं झेल सकता, जितना मेसी अपने कंधों पर लेकर चलते हैं. उसने मेसी से कहा कि वह फुटबॉल का आनंद लेने के लिए मैदान पर वापस आएं.
उस समय मेसी तक शायद उस युवा खिलाड़ी की आवाज नहीं पहुंची लेकिन किस्मत ने कुछ साल बाद दोनों को एक ही टीम में ला दिया. एन्जो फर्नांडीज धीरे-धीरे अर्जेंटीना के सबसे भरोसेमंद मिडफील्डरों में शामिल हो गए. अब वह उसी खिलाड़ी के साथ खेल रहे हैं, जिसे कभी उन्होंने रुकने की गुजारिश की थी. फुटबॉल की दुनिया में इससे खूबसूरत संयोग कम ही देखने को मिलता है. एक किशोर प्रशंसक की अपील अब एक ऐसी कहानी बन चुकी है, जिसमें वही युवा खिलाड़ी अपने हीरो के साथ इतिहास बनाने की कोशिश कर रहा है.
मेसी का संन्यास ज्यादा लंबे समय तक नहीं चला. साल 2021 में कोपा अमेरिका जीत ने उनकी पूरी कहानी बदल दी. अर्जेंटीना ने ब्राजील में हुए उस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और मेसी को आखिरकार अपनी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी मिल गई. उस जीत ने सिर्फ एक खिताब नहीं दिया, बल्कि मेसी और अर्जेंटीना के रिश्ते को भी बदल दिया. जो खिलाड़ी कभी आलोचनाओं से घिरा था, वही अब देश का सबसे बड़ा नायक बन चुका था.
इसके बाद 2022 विश्व कप आया, जिसे मेसी के करियर का आखिरी बड़ा मौका माना जा रहा था. कतर में उन्होंने अपनी टीम को शानदार तरीके से आगे बढ़ाया और अर्जेंटीना ने विश्व कप ट्रॉफी जीत ली. यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं थी, बल्कि उन सभी लोगों के लिए जवाब थी जिन्होंने मेसी की अंतरराष्ट्रीय क्षमता पर सवाल उठाए थे. 2016 में जो पेनल्टी गोल पोस्ट के ऊपर चली गई थी, कुछ साल बाद वही कहानी विश्व कप जीत के साथ पूरी हो गई.
अब 2026 विश्व कप के करीब आते हुए मेसी के पास अपनी विरासत को और मजबूत करने का मौका है. अगर अर्जेंटीना लगातार दूसरा विश्व कप जीतता है, तो वह ब्राजील की 1958 और 1962 वाली ऐतिहासिक टीम की बराबरी कर सकता है. मेटलाइफ स्टेडियम, जहां कभी मेसी ने अपने करियर का सबसे दर्दनाक फैसला लिया था, अब उनकी महान वापसी का प्रतीक बन सकता है. इस बार कहानी हार से शुरू नहीं होगी, बल्कि एक चैंपियन की आखिरी बड़ी कोशिश से शुरू होगी.
मेसी की यात्रा यह दिखाती है कि फुटबॉल में हालात कभी भी बदल सकते हैं. एक समय था जब उन्हें लगता था कि अर्जेंटीना के लिए ट्रॉफी जीतना संभव नहीं होगा. आज वही खिलाड़ी विश्व कप विजेता है और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है. एन्जो फर्नांडीज जैसे खिलाड़ी अब उनके साथ खड़े हैं, ताकि वह कहानी पूरी हो सके जिसकी शुरुआत दस साल पहले दर्द से हुई थी.