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India Daily

मोहम्मद शमी के लिए बंद हो गए हैं अब टीम इंडिया के दरवाजे! पूर्व दिग्गज ने बता दी पूरी सच्चाई

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है. ऐसे में पूर्व दिग्गज ने शमी को लेकर बड़ा बयान दिया है.

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मोहम्मद शमी के लिए बंद हो गए हैं अब टीम इंडिया के दरवाजे! पूर्व दिग्गज ने बता दी पूरी सच्चाई
Courtesy: BCCI (X)

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की टीम में वापसी को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए घोषित स्क्वाड में शमी का नाम नहीं होने से कई सवाल उठ रहे हैं. क्या वाकई शमी के लिए भारतीय टीम के दरवाजे बंद हो चुके हैं? 

इस पर पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपनी राय दी है और सच्चाई सामने रखी है. मोहम्मद शमी ने आखिरी बार भारत के लिए 2025 के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था, जहां भारत ने खिताब जीता. उसके बाद से वे टीम से बाहर हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए स्क्वाड में उन्हें जगह नहीं मिली. 

इरफान पठान ने क्या कहा?

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि शमी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे अभी खुले हैं और बंद नहीं हुए हैं. अपने यूट्यूब चैनल पर पठान ने कहा कि शमी कोई नया खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्होंने कुछ मैच खेले और चले गए. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 450 से ज्यादा विकेट लिए हैं, जो एक बड़ा आंकड़ा है. 

पठान ने शमी को दी सलाह

पठान ने आगे कहा, "फिटनेस पर सवाल उठना आम बात है लेकिन शमी ने घरेलू क्रिकेट में 200 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी करके अपनी फिटनेस साबित कर दी है. चयनकर्ता क्या सोच रहे हैं, यह तो वे ही जानें."

पठान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "अगर मैं शमी की जगह होता, तो आईपीएल 2026 में धमाल मचाता. नई गेंद से विकेट लेता और पुरानी फॉर्म वापस लाता. आईपीएल को पूरी दुनिया देखती है, वहां अच्छा प्रदर्शन करके कोई उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता."

घरेलू क्रिकेट में शमी का शानदार प्रदर्शन

शमी टीम से बाहर होने के बाद बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर रहे हैं. इस सीजन में उन्होंने रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में मिलाकर काफी विकेट लिए हैं. 

रणजी में उन्होंने कई मैचों में लंबे स्पेल डाले और विकेट चटकाए. विजय हजारे ट्रॉफी में भी वे बंगाल के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. इन प्रदर्शनों से साफ है कि शमी में अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है.