नई दिल्ली: गोल्ड कोस्ट में महिला एशियन कप का उद्घाटन मैच खेला गया, जिसमें ईरान और साउथ कोरिया की टीमें आमने-सामने थी. इस मैच में ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने मैदान से पर एक शांत लेकिन मजबूत संदेश दिया. मुकाबला शुरू होने से पहले जब राष्ट्रगान बजा, तो ईरानी महिला टीम और उनके कोच ने चुप्पी साध ली.
वे बिना राष्ट्रगान गाए सीधे खड़ी रही. इस दौरान उन्हें राष्ट्रगान गाते या उसके शब्द बोलते हुए नहीं देखा गया, जिसका वीडियो सामने आया है. यह मौन प्रदर्शन हालिया राजनीतिक घटनाओं की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है, जिसने टीम के रुख को चर्चा का विषय बना दिया.
मैच से पहले दोनों टीमें पारंपरिक कतार में खड़ी थी. जैसे ही ईरान का राष्ट्रगान स्टेडियम में गूंजा, खिलाड़ियों के होंठ बंद रहे. किसी ने भी गीत के साथ स्वर नहीं मिलाया. यह दृश्य कुछ क्षणों का था, लेकिन उसका असर गहरा था. दर्शकों ने इसे एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा. यह घटना उस समय हुई जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमलों में मौत की खबर सामने आई.
BIG: Iranian women’s national football team refused to sing the anthem of the Islamic Regime at the opening match of the Asian Cup in front of the entire world. pic.twitter.com/zoQSAzOQ08
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 3, 2026Also Read
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मुकाबले की बात करें तो साउथ कोरिया ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा.साउथ कोरिया ने ईरान के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल की. साउथ कोरिया ने यह मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया. परिणाम ईरान के पक्ष में नहीं गया, लेकिन कोच ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने कहा कि साउथ कोरिया एशिया की मजबूत टीमों में से एक है और मुकाबला कठिन होना तय था.उन्होंने दूसरे हाफ में अपनाई गई आक्रामक रणनीति का जिक्र किया और माना कि कुछ व्यक्तिगत गलतियों ने टीम को नुकसान पहुंचाया.
अनुभवी खेल पत्रकार ट्रेसी होम्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि गोल्ड कोस्ट में महिला एशियाई कप के मुकाबले से पहले ईरानी महिला फुटबॉल टीम की किसी भी खिलाड़ी या कोच ने राष्ट्रगान नहीं गाया. उनके अनुसार, टीम को ईरान से रवाना होने से पहले स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे राष्ट्रगान का सम्मान करें, ताकि सरकार को किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े. इसके बावजूद मैदान पर खिलाड़ियों का मौन रुख यह संकेत दे रहा था कि वे अपने देश में चल रही घटनाओं से प्रभावित हैं और उसी से प्रेरणा ले रही हैं.
मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद ईरानी समर्थकों का एक समूह भी चर्चा में रहा. इन समर्थकों ने इस्लामिक क्रांति से पहले इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने राष्ट्रीय ध्वज को लहराया. इस झंडे पर सुनहरे रंग का शेर और सूरज अंकित था, जो कभी ईरान की पहचान हुआ करता था. स्टैंड के एक हिस्से में बड़ी संख्या में दर्शक इसी ध्वज के साथ नजर आए.
ऑस्ट्रेलिया की फुटबॉल कमेंटेटर लूसी जेलिक ने भी इस दृश्य पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि खिलाड़ियों के इस रुख में एक अलग आत्मविश्वास दिखाई दिया. उनके मुताबिक, यह नजारा पिछले वर्ष एशियन कप क्वालिफिकेशन मुकाबलों से बिल्कुल भिन्न था, जब टीम ने मौजूदा ईरानी झंडे को सैल्यूट किया था. इस बार तस्वीर बदली हुई दिखी.