नई दिल्ली: टी20 विश्व कप का मंच एक बार फिर भारत और इंग्लैंड की टक्कर का गवाह बनने जा रहा है, और इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में उत्साह चरम पर है. महान पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि यह सेमीफाइनल सिर्फ कौशल का नहीं, बल्कि रणनीति और मानसिक मजबूती का मुकाबला है. उनके अनुसार, मेजबान भारत को घरेलू परिस्थितियों और संतुलित टीम संयोजन का हल्का फायदा मिल सकता है. उन्होंने सेमीफाइनल के लिए भारत के दो खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया है.
आर्टिकल में आगे बढ़ने से पहले बता दें कि मौजूदा चैंपियन भारत गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगा. यह मुकाबला 2022 और 2024 के सेमीफाइनल की यादें ताजा करेगा. 2022 में एडिलेड में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि दो साल बाद प्रोविडेंस में भारत ने इंग्लैंड को फाइनल की रेस से बाहर कर हिसाब बराबर कर लिया था.
सुनील गावस्कर ने सेमीफाइनल के लिए बुमराह की गेंदबाजी पर भरोसा दिखाया है. उनका मानना है कि मैच का रुख काफी हद तक जसप्रीत बुमराह तय कर सकते हैं. बुमराह की लय और गेंदबाजी काफी हद तक मैच का फैसला डिसाइड करती है. इस कारण उन्होंने सलाह दी कि बुमराह को पावरप्ले में कम से कम दो ओवर जरूर फेंकने चाहिए. अगर वे शुरुआती ओवरों में जोस बटलर, फिल साल्ट या हैरी ब्रूक जैसे बल्लेबाजों को आउट कर देते हैं, तो इंग्लैंड की बल्लेबाजी पर बड़ा दबाव बन सकता है.
गावस्कर ने बुमराह की तुलना टेनिस दिग्गजों की सर्विस रणनीति से करते हुए कहा कि उनकी गेंदबाजी को पढ़ पाना दुश्मन टीम के लिए बेहद कठिन है. वह अपनी कलाई और एक्शन से बल्लेबाजों को गुमराह करते हैं. बाहर जाती गेंद के बाद अंदर आती स्विंग या अचानक बदलाव उन्हें तीनों प्रारूपों में घातक बनाता है.
इसके बाद उन्होंने भारत की बल्लेबाजी को भारत की ताकत बताया है. टीम इंडिया की लचीली बल्लेबाजी क्रम टीम के लिए बड़ी ताकत है. इस दौरान उन्होंने तिलक वर्मा का उदाहरण दिया. जिन्होंने तीसरे नंबर से लेकर पांचवें-छठे नंबर तक जिम्मेदारी निभाई. संजू सैमसन के टीम में आने के बाद भी तिलक ने खुद को ढाला और छोटी लेकिन अहम पारियां खेलीं.