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India Daily

IND vs SL Test: श्रीलंका फतह के लिए गिल ब्रिगेड को करने होंगे ये 5 बड़े काम, तभी आसान होगी WTC फाइनल की राह

भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज शुरू होगी. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से अहम इस दौरे पर भारत को बल्लेबाजी, स्पिन और तेज गेंदबाजी में संतुलित प्रदर्शन करना होगा.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
IND vs SL Test: श्रीलंका फतह के लिए गिल ब्रिगेड को करने होंगे ये 5 बड़े काम, तभी आसान होगी WTC फाइनल की राह
Courtesy: X (@BCCI)

भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. पहला मुकाबला 15 अगस्त को गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में होगा. शुभमन गिल की अगुआई वाली भारतीय टीम के लिए यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में बेहद अहम है. भारत को फाइनल की राह आसान रखने के लिए अपने बाकी नौ मैचों में से आठ जीतने की जरूरत है. ऐसे में टीम 2-0 के लक्ष्य के साथ उतरेगी. इसके साथ ही टीम को फाइनल में  पहुंचने के लिए ये पांच काम करने जरूरी होंगे. 

यशस्वी से चाहिए मजबूत शुरुआत

भारतीय बल्लेबाजी की नींव यशस्वी जायसवाल की शुरुआत पर काफी निर्भर करेगी. अगर वह नई गेंद के सामने टिककर तेजी से रन बनाते हैं, तो श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बनाया जा सकता है. अच्छी शुरुआत का फायदा आगे के बल्लेबाजों को भी मिलेगा. देवदत्त पडिक्कल इस समय अच्छे फॉर्म में हैं और उनसे बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी. वहीं ऋषभ पंत जैसे आक्रामक बल्लेबाज मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं.

स्पिनरों को संभालनी होगी जिम्मेदारी

श्रीलंका की परिस्थितियों में भारतीय स्पिन आक्रमण की भूमिका अहम रहने वाली है. कुलदीप यादव, मानव सुथार और रविंद्र जडेजा को पिच से मिलने वाली मदद का पूरा फायदा उठाना होगा. इन गेंदबाजों को बीच के ओवरों में विकेट निकालकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखना होगा. लंबे स्पेल में सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करना भी जरूरी होगा, क्योंकि टेस्ट मुकाबले में लगातार दबाव ही अंतर पैदा करता है.

तेज गेंदबाजों को देना होगा शुरुआती झटका

भारत के तेज गेंदबाजों की जिम्मेदारी भी कम नहीं होगी. नई गेंद से शुरुआती विकेट मिलने पर श्रीलंका के बल्लेबाजों को संभलने का मौका नहीं मिलेगा. अगर मेजबान टीम को अच्छी शुरुआत मिल गई, तो वह बड़ी साझेदारियां बनाकर मुकाबले में पकड़ मजबूत कर सकती है. इसलिए तेज गेंदबाजों को अनुशासन के साथ गेंदबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में मौके तलाशने होंगे. स्पिन और तेज गेंदबाजी का सही तालमेल भारत की बड़ी ताकत बन सकता है.

2-0 के लिए हर विभाग में दम जरूरी

भारत के लिए इस सीरीज में सिर्फ किसी एक खिलाड़ी का प्रदर्शन काफी नहीं होगा. शीर्ष क्रम को रन बनाने होंगे, मध्यक्रम को दबाव संभालना होगा और गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विकेट निकालने होंगे. फिल्डिंग में छोटी गलतियों से भी बचना जरूरी रहेगा. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के समीकरणों को देखते हुए भारत को हर मुकाबले में जीत के लिए पूरा जोर लगाना होगा. इन पहलुओं पर टीम खरी उतरी तो 2-0 का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.