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पैरों से खेला, हवा में उड़कर जीता पदक... सेपक टकरा में भारत ने किंग्स कप में रचा कमाल

भारत ने थाईलैंड में किंग्स कप सेपक टकरा चैम्पियनशिप के मेंस क्वाड्रेंट वर्ग में कांस्य पदक जीता. सेमीफाइनल में मेजबान टीम से हार के बावजूद भारत ने मजबूत प्रदर्शन के साथ पदक पक्का किया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
पैरों से खेला, हवा में उड़कर जीता पदक... सेपक टकरा में भारत ने किंग्स कप में रचा कमाल
Courtesy: X (@SportsArena1234)

थाईलैंड में खेले गए किंग्स कप सेपक टकरा चैम्पियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. मेंस क्वाड्रेंट वर्ग में भारत ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे मेजबान थाईलैंड के खिलाफ तीन सेट में हार मिली. अंतिम चार में पहुंचने के कारण भारत का पदक पहले ही तय हो चुका था. 2026 एशियन गेम्स से पहले यह उपलब्धि भारतीय टीम के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

सेमीफाइनल में भारत की दमदार शुरुआत

थाईलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने पहले सेट में शानदार खेल दिखाया. खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाते हुए सेट 15-9 से अपने नाम कर लिया. शुरुआती बढ़त से भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बढ़ गई थीं. हालांकि इसके बाद मेजबान टीम ने रणनीति बदली और भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. दूसरे सेट में थाईलैंड ने 15-9 से जीत हासिल कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया.

निर्णायक सेट में थाईलैंड ने मारी बाजी

तीसरे और निर्णायक सेट में भी थाईलैंड ने अपनी लय बनाए रखी. मेजबान खिलाड़ियों ने 15-9 से सेट जीतकर फाइनल में जगह बना ली. भारत को 15-9, 9-15, 9-15 के स्कोर से हार मिली. फाइनल का टिकट भले ही नहीं मिला, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण टीम ने कांस्य पदक हासिल किया. पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों के जश्न का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा.

क्या है सेपक टकरा का खेल

सेपक टकरा दक्षिण-पूर्व एशिया में लोकप्रिय खेल है, जबकि भारत में अभी इसकी पहचान सीमित है. इसे वॉलीबॉल और फुटबॉल का मिश्रण कहा जा सकता है. खिलाड़ी पैर, सिर और घुटनों की मदद से गेंद को नेट के दूसरी ओर पहुंचाते हैं. हाथों का इस्तेमाल नहीं किया जाता. रेगु मुकाबले में तीन खिलाड़ी और क्वाड्रेंट वर्ग में चार खिलाड़ी एक टीम का हिस्सा होते हैं. खेल में तेज किक और हवा में कलाबाजी दर्शकों को आकर्षित करती है.

किंग्स कप की पुरानी परंपरा

किंग्स कप सेपक टकरा के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शामिल है. इसकी शुरुआत 1985 में बैंकॉक में हुई थी. पहले संस्करण में मलेशिया ने खिताब जीता था और 1988 में भी ट्रॉफी अपने नाम की. इसके बाद थाईलैंड ने प्रतियोगिता में मजबूत पकड़ बनाई. दुनिया की शीर्ष टीमों के बीच होने वाली इस प्रतियोगिता को खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तर का मंच माना जाता है.

एशियन चैम्पियन बन चुका है भारत

किंग्स कप से पहले भी भारतीय टीम ने इस साल बड़ी सफलता हासिल की थी. मई में जापान के नागोया में एशिया सेपक टकरा चैम्पियनशिप के मेंस क्वाड्रेंट फाइनल में भारत ने जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था. भारत ने ग्रुप चरण में मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराया था. इसके बाद सेमीफाइनल में थाईलैंड को सीधे सेटों में मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया था.