एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम का अभियान खत्म हो गया है. महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा को कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने तीन गेम तक मुकाबला किया, लेकिन निर्णायक गेम में जीत हासिल नहीं कर सकीं. इसके साथ ही भारत पांचों व्यक्तिगत बैडमिंटन स्पर्धाओं में पदक हासिल करने से चूक गया.
पीवी सिंधु का सामना दुनिया की नंबर-4 खिलाड़ी और टोक्यो 2020 की चैंपियन चेन यूफेई से हुआ. दुनिया की 11वें नंबर की सिंधु ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की. उन्होंने शुरुआती गेम में 7-2 की बढ़त बनाई और ब्रेक तक 11-8 से आगे रहीं. इसके बाद सिंधु ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया.
दूसरे गेम में चेन यूफेई ने वापसी की और 8-4 की बढ़त बनाई. सिंधु ने स्कोर को पलटते हुए ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने इसके बाद नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. चेन ने दूसरा गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंचाया. तीसरे गेम में उन्होंने आसानी से जीत दर्ज की और मुकाबला 11-21, 21-18, 21-10 से अपने नाम कर लिया.
इस हार के साथ सिंधु का एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स का दूसरा पदक जीतने का सपना भी टूट गया. उन्होंने जकार्ता 2018 में इस स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था.
इससे पहले 19 वर्षीय उन्नति हुड्डा का सामना जापान की दुनिया की नंबर-3 खिलाड़ी अकाने यामागुची से हुआ. दुनिया की 24वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबले में शानदार संघर्ष किया, लेकिन उन्हें 21-16, 14-21, 21-17 से हार मिली.
पहला गेम गंवाने के बाद उन्नति ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की. उन्होंने लंबी रैलियों में यामागुची को कड़ी टक्कर दी और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया. तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और स्कोर 5-5 से बराबर था. ब्रेक तक यामागुची ने 11-8 की बढ़त बनाई, लेकिन उन्नति लगातार मुकाबले में बनी रहीं. आखिर में जापानी खिलाड़ी ने दबाव में बेहतर खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया.
महिला डबल्स में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को मलेशिया की पेर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन ने 21-18, 21-9 से हराया. वहीं मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को चीन की फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग से 21-14, 18-21, 21-18 से हार मिली.
इस तरह भारत ने एआईची-नागोया 2026 में पांचों व्यक्तिगत बैडमिंटन स्पर्धाओं में कोई पदक नहीं जीता. बैडमिंटन में भारत का एकमात्र पदक पुरुष टीम इवेंट का ब्रॉन्ज रहा.