नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट सीरीज की हार के बाद वनडे फॉर्मेट में भी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. कुछ महीने पहले न्यूज़ीलैंड ने भारत को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया था और अब उन्होंने भारत में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली.
बता दें कि इस कीवी टीम में मैट हेनरी, केन विलियमसन और रचिन रविंद्र जैसे बड़े नाम शामिल नहीं थे. हालांकि, इसके बाद भी टीम इंडिया को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. सीरीज में हार के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर पर फैंस का गुस्सा फूटा है.
इंदौर में खेले गए निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराया. पहले मैच में वडोदरा में हारने के बाद मेहमान टीम ने जबरदस्त वापसी की और दबाव में शानदार खेल दिखाया. इस जीत ने न्यूजीलैंड के संयम और बल्लेबाजों की मजबूती को साबित किया. डेरिल मिचेल ने लगातार दो शतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.
सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस की नाराजगी साफ दिखाई दी. कई फैंस ने गौतम गंभीर के कार्यकाल पर सवाल उठाए. घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारना भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए चिंता का विषय बन गया. कई लोगों ने सीधे तौर पर हेड कोच को हटाने की मांग कर दी.
New zealand cricket created history under the coaching of mentally challenged and I'll mannered @GautamGambhir and his tattu selector @BCCI @imAagarkar
— Gurinder Singh (@Gurinde53664224) January 18, 2026
Lost to Australia B away and now New Zealand C at home. However Gambhir will still not be getting the sack cause he won the Dubai cup 👍
— subham (@DICKGR4YSON) January 18, 2026
Remove Gambhir. He is the next Coach Greg Chappel of Team India.
— Supratim Das 🇮🇳 (@Suprati52610917) January 18, 2026
Time to sack gambhir
— karsp07 (@karthikvel63988) January 18, 2026
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने 50 ओवरों में 337 रन बनाए. डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने शतकीय पारियां खेलते हुए भारत के गेंदबाजों को पूरी तरह चुनौती दी. उनके आक्रामक शॉट्स और मैच की स्थिति को समझकर खेलना फाइनल मुकाबले में निर्णायक साबित हुआ.
इसके जवाब में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही. टॉप-5 में से चार बल्लेबाज 100 रन से पहले आउट हो गए. विराट कोहली ने शानदार शतक बनाया लेकिन उनके साथी बल्लेबाज़ों का योगदान सीमित रहा. अंत में नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा ने संघर्ष किया लेकिन तब तक मैच भारत के हाथ से निकल चुका था.