नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में बदलाव की हवा चल रही है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) अब वनडे क्रिकेट को नई जिंदगी देने की तैयारी कर रही है. हाल ही में दुबई में हुई ICC की बैठक में कई अहम फैसले पर चर्चा हुई.
इनमें वनडे फॉर्मेट को मजबूत बनाने के लिए पुरानी सुपर लीग को फिर से शुरू करने का प्लान शामिल है. साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी सभी 12 फुल मेंबर टीमों को मौका देने की बात हो रही है.
ICC की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में अभी सिर्फ 9 टीमें खेलती हैं. जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और आयरलैंड जैसी फुल मेंबर टीमों को बाहर रखा जाता है. हालांकि, अब ICC अगले साइकिल से, जो मिड-2027 से शुरू होगा, सभी 12 टीमों को शामिल करने पर विचार कर रही है.
पहले दो टियर सिस्टम की बात चल रही थी, जिसमें मजबूत और कमजोर टीमों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाता. न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी रोजर ट्वोज की अगुवाई वाली कमिटी ने इस पर विचार किया. लेकिन दुबई बैठक में कई सदस्यों ने इसका विरोध किया. पाकिस्तान, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश जैसी टीमों को डर था कि वे दूसरे टियर में चले जाएंगे.
वनडे क्रिकेट को लेकर सबसे बड़ा सवाल है कि क्या 50 ओवर का फॉर्मेट खत्म हो रहा है? ICC का मानना है कि नहीं. 2023 वर्ल्ड कप के बाद सुपर लीग को बंद कर दिया गया था, जो 2020 में शुरू हुई थी. इसमें 13 टीमों को शामिल कर बाइलेटरल सीरीज को अहमियत दी जाती थी. लेकिन यह प्लान पूरी तरह सफल नहीं हुआ.
अब ICC इसे फिर से शुरू करने पर सोच रही है. बैठक में कई सदस्यों ने कहा कि वनडे इवेंट्स की लोकप्रियता और दर्शक संख्या बताती है कि यह फॉर्मेट अभी जिंदा है. बस इसे सही ढांचा और संदर्भ देने की जरूरत है.
सूत्र के मुताबिक, "ICC के वनडे टूर्नामेंट्स की पहुंच और रिएक्शन देखकर लगता है कि 50 ओवर क्रिकेट का स्थान है. हमें टॉप टीमों और खिलाड़ियों को इसमें शामिल रखना होगा. टीमों की संख्या, मैचों के लिए सही विंडो जैसे मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी."