menu-icon
India Daily

4000 से ज्यादा जवान, पहली बार एंटी-ड्रोन सिस्टम; फाइनल से पहले छावनी में तब्दील हुआ नरेंद्र मोदी स्टेडियम

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. स्टेडियम के आसपास तीन एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे, जो आसमान में उड़ने वाले किसी भी संदिग्ध या बिना अनुमति वाले ड्रोन को तुरंत पहचान कर उसे निष्क्रिय कर सकेंगे.

Anuj
Edited By: Anuj
4000 से ज्यादा जवान, पहली बार एंटी-ड्रोन सिस्टम; फाइनल से पहले छावनी में तब्दील हुआ नरेंद्र मोदी स्टेडियम

नई दिल्ली: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर अहमदाबाद में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह बड़ा मुकाबला दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा.

इस ऐतिहासिक मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में अहमदाबाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास योजना तैयार की है. अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर GS मलिक ने बताया कि मैच के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी.

हर गतिविधि पर नजर

उन्होंने कहा कि करीब 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और लगभग 1,000 होमगार्ड सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे. पुलिस की टीमें स्टेडियम के अंदर और बाहर हर गतिविधि पर नजर रखेंगी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को तुरंत रोका जा सके. अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से कई स्तरों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है.

पहली बार एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. स्टेडियम के आसपास तीन एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे, जो आसमान में उड़ने वाले किसी भी संदिग्ध या बिना अनुमति वाले ड्रोन को तुरंत पहचान कर उसे निष्क्रिय कर सकेंगे. पुलिस का कहना है कि यह कदम बड़े आयोजनों में संभावित खतरों को रोकने के लिए उठाया गया है. 

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नया तरीका

फाइनल मैच में बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नया तरीका अपनाया है. स्टेडियम के गेट नंबर 1 और 2 के पास मुख्य सड़क की तरफ एक विशेष 'होल्डिंग एरिया' बनाया गया है. इसका उद्देश्य यह है कि गेट पर अचानक भीड़ जमा न हो और दर्शकों को अंदर जाने में आसानी हो. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक यहां भगदड़ जैसी घटना नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है.

महिला दर्शकों की सुरक्षा पर खास ध्यान

फाइनल मैच देखने आने वाली महिला दर्शकों की सुरक्षा के लिए भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं. महिला पुलिसकर्मी स्टेडियम के कई हिस्सों में मौजूद रहेंगी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद दी जा सके. 
पुलिस प्रशासन ने टिकटों की कालाबाजारी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध तरीके से टिकट बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी स्टेडियम और आसपास के इलाकों में निगरानी करेंगे. 

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहेंगे मौजूद

कई बार बड़े मैचों में उत्साहित फैंस मैदान में घुसने की कोशिश करते हैं. इसे रोकने के लिए स्टेडियम के अंदर भी अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाया गया है. इसके साथ ही कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे और पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे. पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन सभी इंतजामों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह बड़ा मुकाबला पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.