नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब क्रिकेट पर भी दिखाई देने लगा है. इसका सबसे बड़ा नुकसान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को हो सकता है. खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (International Cricket Council) भविष्य में होने वाले बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर कराने पर विचार कर रही है.
ऑस्ट्रेलिया के एक प्रसिद्ध अखबार में 16 फरवरी को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईसीसी 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 के वनडे विश्व कप को भारत से बाहर शिफ्ट करने की योजना बना सकती है. इसका मुख्य कारण भारत और पाकिस्तान का एक-दूसरे के देश में खेलने से इनकार करना बताया जा रहा है, जिससे आयोजन में कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि ये दोनों बड़े टूर्नामेंट भारत से हटाए जाते हैं तो उनकी मेजबानी के लिए ऑस्ट्रेलिया पहला विकल्प हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया पहले भी बड़े टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है. वहां 2015 में वनडे विश्व कप और 2022 में टी-20 विश्व कप का आयोजन हुआ था. बेहतर स्टेडियम, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और अनुभव के कारण ऑस्ट्रेलिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच पहले एक समझौता हो चुका है. इस समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान में आईसीसी के वैश्विक टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे के देशों में नहीं खेलने पर सहमति बनी थी. यह फैसला तब लिया गया था, जब भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था. मौजूदा हालात को देखते हुए संभावना है कि यह समझौता 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जा सकता है.
इस समय भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में टी-20 विश्व कप 2026 खेला जा रहा है. पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच कोलंबो में खेल रही है. भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मैच कोलंबो में ही आयोजित हुआ था. यदि दोनों टीमें सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती हैं, तो वह मुकाबला भी कोलंबो में ही कराया जाएगा.
मामला केवल भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. हाल ही में बांग्लादेश ने भी 2026 टी-20 विश्व कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था. जब आईसीसी ने उनके मैच किसी अन्य देश में कराने से मना किया, तो बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटना पड़ा. इन घटनाओं के बाद आईसीसी भविष्य के बड़े आयोजनों के लिए वैकल्पिक योजना तैयार कर रहा है, ताकि किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट पर संकट न आए.
अगर एशियाई देशों के बीच तनाव इसी तरह बना रहता है, तो आने वाले वर्षों में विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. फिलहाल, अंतिम फैसला आईसीसी द्वारा ही लिया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि मौजूदा हालात क्रिकेट जगत के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं.