T20 World Cup: खिलाड़ी और कोच के रूप में गौतम गंभीर ने जीता टी20 वर्ल्ड कप, दो ICC ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय कोच बने
टी20 वर्ल्ड कप में गौतम गंभीर ने बतौर कोच और प्लेयर इतिहास रच दिया है. साथ ही दो ICC ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय कोच बने.
नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ ही हेड कोच गौतम गंभीर ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. गंभीर टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले ऐसे शख्स बन गए हैं, जिन्होंने एक खिलाड़ी (2007) और एक कोच (2026) के रूप में यह खिताब जीता है. इस शानदार उपलब्धि के साथ ही उन्होंने अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दे दिया है, जो उनकी आक्रामक रणनीति और बोल्ड सिलेक्शन पर सवाल उठा रहे थे.
खिलाड़ी के रूप में शानदार रिकॉर्ड
गंभीर का आईसीसी फाइनल में रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है. 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 54 गेंदों में 75 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी. इसके बाद 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने 97 रनों की दमदार पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
कोच के रूप में धमाकेदार शुरुआत
2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद गंभीर ने राहुल द्रविड़ की जगह हेड कोच का पदभार संभाला था. उनके कोचिंग करियर की शुरुआत शानदार रही. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में उन्होंने टीम को खिताब दिलाया और अब 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम ने ट्रॉफी जीतकर अपने ताज का सफलतापूर्वक बचाव किया. गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने जिस आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेला है, वह देखते ही बनता है.
टीम के प्रदर्शन में दिखी गंभीर की रणनीति की झलक
गंभीर की अगुआई में भारतीय टीम का स्ट्राइक रेट 158.09 रहा है, जो पूर्ण सदस्य देशों में सबसे ज्यादा है. फाइनल में भारत ने 255 रन बनाकर टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का सर्वोच्च स्कोर बनाया, जो उनकी आक्रामक रणनीति का नतीजा था. संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को मौका देना और उनसे आक्रामक क्रिकेट खिलवाना गंभीर की ही देन है.
आलोचकों को करारा जवाब
गंभीर पर अक्सर उनके आक्रामक रवैये और बोल्ड सिलेक्शन को लेकर सवाल उठते रहे हैं. लेकिन लगातार दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी रणनीति कारगर है. गंभीर अब एक खिलाड़ी के रूप में दो और कोच के रूप में दो, कुल चार आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके हैं. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब टीम ने ट्रॉफी उठाई, तो गंभीर की आंखों में खिलाड़ी और कोच, दोनों की कामयाबी की चमक साफ झलक रही थी.