फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और गेंद पर लगातार कब्जा बनाए रखा.
मैच के पहले हाफ में मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो ने पेनल्टी बचाकर अपनी टीम को राहत दिलाई, लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस की तेज रफ्तार आक्रमण पंक्ति के सामने मोरक्को ज्यादा देर तक टिक नहीं सका.
मैच का पहला गोल 60वें मिनट में फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने किया. पेनल्टी क्षेत्र के बाहर डेसिरे डौए से मिले सटीक पास पर एम्बाप्पे ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन किया. मोरक्को के तीन रक्षक उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने बेहद ताकतवर और सटीक शॉट लगाते हुए गेंद को रक्षक इस्सा डियोप के पास से निकालकर सीधे गोल में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ फ्रांस ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. पहले गोल के महज छह मिनट बाद फ्रांस ने दूसरा गोल भी दाग दिया. एम्बाप्पे ने इस बार गोल करने के बजाय बेहतरीन पास दिया, जिसे उस्मान डेम्बेले ने दाहिने कोने में शानदार तरीके से गोल में बदल दिया. मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो गेंद को छू तो पाए, लेकिन उसे गोल रेखा पार करने से नहीं रोक सके. इस गोल के बाद फ्रांस ने मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया.
आंकड़ों पर नजर डालें तो मुकाबले में फ्रांस का हर विभाग में दबदबा दिखाई दिया. फ्रांस ने पूरे मैच में 22 शॉट लगाए, जिनमें से 9 सीधे गोल की दिशा में रहे. इसके मुकाबले मोरक्को ने केवल 5 प्रयास किए और उनमें से सिर्फ एक शॉट ही गोल की दिशा में जा सका. फ्रांस के मजबूत आक्रमण और सधी हुई रक्षापंक्ति ने मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया.
इस जीत के साथ 27 वर्षीय किलियन एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या 8 पहुंचा दी है. वह अब अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. यह एम्बाप्पे का तीसरा विश्व कप है और अब तक वह विश्व कप इतिहास में 20 गोल कर चुके हैं. वहीं छठा विश्व कप खेल रहे मेसी के नाम 21 गोल दर्ज हैं. सेमीफाइनल में दोनों सितारों पर एक बार फिर दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी.