फिडे महिला वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए खुशी की दोहरी वजह थी, क्योंकि फाइनल में भारत की दो दिग्गज खिलाड़ी, 19 वर्षीय दिव्या देशमुख और अनुभवी कोनेरू हम्पी आमने-सामने थीं. फाइनल मुकाबले में युवा खिलाड़ी दिव्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोनेरू को मात दी और फिडे महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया. यह मैच बहुत रोमांचक रहा जिसमें शुरु के दो गेम ड्रॉ होने के बाद टाई-ब्रेकर में दिव्या ने बाज़ी मार ली.
𝑾𝒐𝒎𝒆𝒏’𝒔 𝑪𝒉𝒆𝒔𝒔 𝑾𝒐𝒓𝒍𝒅 𝑪𝒖𝒑 𝑪𝒉𝒂𝒎𝒑𝒊𝒐𝒏♟️🏆!
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 28, 2025
Divya Deshmukh became the 4th Indian woman to earn the title of Grandmaster with her victory at the FIDE Women’s World Cup 2025.
Divya secured the title after her victory over fellow Indian #HumpyKoneru in the… pic.twitter.com/Ms6myJUWtC
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही दिव्या देशमुख भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बनने वाली खिलाड़ी बन गई हैं. खास बात यह है कि वह देश की सिर्फ चौथी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है. कोनेरू हम्पी का सालों का अनुभव भी दिव्या के आत्मविश्वास और जज़्बे के सामने फीका पड़ गया. दिव्या की इस जीत ने भारतीय शतरंज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है.